{"_id":"6a8ef2325067782301081c16","slug":"nepali-gang-entered-homes-on-pretext-of-domestic-work-looted-houses-after-survey-three-arrested-jaipur-news-c-1-1-noi1422-4653818-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"जयपुर में बंधक बनाकर लूट का बड़ा खुलासा: घरेलू काम के बहाने घरों की रेकी, नेपाली गैंग के 3 आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जयपुर में बंधक बनाकर लूट का बड़ा खुलासा: घरेलू काम के बहाने घरों की रेकी, नेपाली गैंग के 3 आरोपी गिरफ्तार
Wed, 26 Aug 2026 10:19 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 10:19 PM IST
सार
जयपुर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में घर में घुसकर युवक को बंधक बनाने और करीब पांच लाख रुपये नकद समेत कीमती सामान लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश-नेपाल सीमा क्षेत्र से नेपाली गैंग के तीन आरोपियों सतवीर सिंह, मनबहादुर और प्रदीप कुमार यादव को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
नेपाली गैंग के तीन आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी जयपुर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में घर में घुसकर युवक को बंधक बनाने और लाखों रुपये की नकदी व कीमती सामान लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल एक नेपाली गैंग का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश-नेपाल सीमा क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य घरेलू काम की तलाश के बहाने घरों में प्रवेश करते थे, पहले रेकी करते और फिर मौका मिलते ही लूट की वारदात को अंजाम देते थे। मामले में पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों और लूटे गए सामान की तलाश में जुटी है।
विज्ञापन
बेटे को बंधक बनाकर घर से लाखों का सामान लूटा
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि 29 जुलाई 2026 को दुर्गापुरा निवासी आशीष गुप्ता ने जवाहर सर्किल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ उत्तराखंड गए हुए थे। इसी दौरान सुबह करीब 4 बजे तीन बदमाश उनके घर में घुस गए और उनके बेटे राघव गुप्ता को बंधक बना लिया। बदमाश घर से करीब 5 लाख रुपये नकद, कार्टियर कंपनी की दो घड़ियां, सोने-हीरे के आभूषण, सोने की गिन्नियां और चांदी के सिक्के लेकर फरार हो गए। वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
विज्ञापन
300 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, 10 हजार किमी तक पीछा
मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमों का गठन किया। टीमों ने जयपुर और आसपास के इलाकों में लगे करीब 300 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस टीमों ने अलग-अलग राज्यों में दबिश दी। पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए करीब 10 हजार किलोमीटर की दूरी तय की। आखिरकार जांच के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बहराइच-नेपाल सीमा क्षेत्र से सतवीर सिंह, मनबहादुर और प्रदीप कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
15-20 दिन पहले तय करते थे लूट का टारगेट
जांच में सामने आया कि गैंग किसी घर को अचानक निशाना नहीं बनाता था। वारदात से करीब 15 से 20 दिन पहले टारगेट तय किया जाता था। इसके बाद गैंग के सदस्य घरेलू नौकर, कामगार या काम की तलाश करने वाले व्यक्ति बनकर घरों में पहुंचते थे। घर में पहुंचने के बाद आरोपी परिवार के सदस्यों की दिनचर्या, घर की सुरक्षा व्यवस्था, नौकरों और चौकीदारों के बारे में जानकारी जुटाते थे। परिवार कब घर से बाहर जाता है और घर कब खाली रहता है, इसकी भी जानकारी ली जाती थी। जब उन्हें घर के खाली होने या परिवार के बाहर जाने का मौका मिलता था, तब गैंग के दूसरे सदस्यों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया जाता था।
नेपाल बॉर्डर पर जुटता था गैंग, स्थानीय लोगों को भी करते थे शामिल
पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य नेपाल-उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र में एकत्रित होते थे। इसके बाद स्थानीय लोगों को लालच देकर अपने साथ मिलाते थे। गैंग के सदस्य अलग-अलग राज्यों में जाकर पहले रेकी करते और फिर लूट व चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। गैंग में सामान्य तौर पर 5 से 7 सदस्य होते थे और सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाती थीं। कोई रेकी करता था तो कोई वारदात को अंजाम देने और फरार होने की जिम्मेदारी संभालता था।
फर्जी पहचान के सहारे छिपाते थे पहचान
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों और साधनों से फरार हो जाते थे। अपनी पहचान छिपाने के लिए वे फर्जी पहचान पत्र और गलत नाम-पते का इस्तेमाल करते थे। इससे पुलिस के लिए उनके बारे में सही जानकारी जुटाना मुश्किल हो जाता था।
अन्य आरोपियों और लूटे गए माल की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के आधार पर गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, पुलिस लूटे गए नकदी, आभूषण, घड़ियों और अन्य सामान की बरामदगी के लिए भी दबिश दे रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गैंग की अन्य वारदातों के बारे में भी अहम जानकारी सामने आ सकती है।