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शब्बीरपुर के आरोपियों की जांच में अनियमिताएं बरतने का आरोप

Fri, 01 Sep 2017 12:13 AM IST
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:13 AM IST
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शब्बीरपुर के आरोपियों की जांच में अनियमिताएं बरतने का आरोप
सहारनपुर। ग्राम शब्बीरपुर के दलित समाज के लोगों ने पुलिस एवं जांच अधिकारियों शब्बीरपुर प्रकरण के राजपूत समाज के आरोपियों की जांच में अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया है।
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शब्बीरपुर के दलित समाज के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने राजपूत समाज के लोगों के खिलाफ 60 लोगों द्वारा दी गई तहरीर पर मात्र तीन लोगों की एफआईआर दर्ज की। आरोपियों द्वारा प्रयोग किए गए लाठी, डंडे, बम, माचिस, मिट्टी का तेल, तलवारें, अवैध तमंचों की बरामदगी का कोई प्रयास नहीं किया। आरोपियों की गिरफ्तारियां नहीं की गईं। पीड़ितों को मात्र 25-25 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया, पीड़ितों को प्रतिमाह पेंशन, रोजगार एवं कृषि भूमि देने का प्रावधान है, लेकिन कुछ नहीं दिया गया। बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था नहीं की गई। तीन माह तक बर्तन, चावल, दलहन की व्यवस्था का जिम्मा प्रशासन का है, लेकिन मात्र एक समय का भोजन दिया गया। लोगों के मकान नहीं बनवाए, आज तक कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया।
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इस संबंध में लोगों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को पत्र भेजकर मामले की कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाने वालों में राकेश कुमार, अनुज कुमार, जसवीर, सतपाल, रीना, मिथलेश, मीनाक्षी, रेखा, तारावती, श्याम सिंह, सचिन कुमार, राजकुमार, अग्निभाष्कर, कुसुम, ओमवती, समरजीत, लाल्ली, श्रीकांत शामिल रहे।
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--। पेंशन दिलाने की मांग
सहारनपुर। ग्राम नन्हेड़ा निवासी मोनू ने रेलवे अधिकारियों पर पेंशन न दिए जाने का आरोप लगाया है। मोनू का कहना है कि उसके पिता रेलवे मुुरादाबाद मंडल में कार्यरत थे, उनके निधन के बाद उसकी मां को पेंशन मिल रही थी। लेकिन मां के निधन के बाद उसकी आय का अब कोई साधन नहीं रहा। विकलांग होने के चलते वह पूरी तरह से माता पिता पर ही आश्रित था। उसने रेलवे अधिकारियों से लेकर रेल मंत्री कार्यालय तक सभी जगह पत्र भेजकर उसकी पेंशन अथवा आय की अन्य कोई व्यवस्था की मांग की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रार्थी को डाक्टर ने भी विकलांग कोटे से अनफिट कर दिया है। इस मामले में विकलांग विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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