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दोस्त ने ही की थी लापता अनिल की हत्या

Sun, 26 May 2019 11:31 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2019 11:31 PM IST
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दोस्त ने ही की थी लापता अनिल की हत्या
दोस्त ने ही की थी लापता अनिल की हत्या
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नकुड़ (सहारनपुर)। गांव गोविंदगढ़ निवासी युवक अनिल के लापता होने के मामले में नया खुलासा सामने आया है। पुलिस के अनुसार अनिल की हत्या उसके ही दोस्त राजकुमार ने उधार में दिए गए रुपये मांगने पर की थी। राजकुमार अनिल को हरियाणा के करनाल ले गया था और वहां अधिक शराब पिलाकर नहर में फेंक दिया था। इसके बाद दोस्त अनिल के परिवार के साथ ढाई माह तक उसे तलाशने का नाटक भी करता रहा। अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। अनिल के शव की तलाश अब तक जारी है।
बता दें कि कोतवाली क्षेत्र के गांव गोविंदगढ़ निवासी ईलमचंद का 32 वर्षीय पुत्र अनिल सात मार्च की सुबह अपने उधार में दिए रुपये लेने के लिए घर से सुबह करीब आठ बजे घाटमपुर निवासी दोस्त राजकुमार के पास गया था। मगर इसके बाद से अब तक वह घर नहीं लौटा है। पिता ईलमचंद ने बताया कि उसके पुत्र अनिल और राजकुमार के बीच गहरी दोस्ती थी। अनिल के करीब दो लाख तीस हजार रुपये राजकुमार के पास थे। पुत्र के न लौटने के बारे में उन्होंने राजकुमार से बात की थी। लेकिन राजकुमार ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। दो दिन तक वह अनिल को रिश्तेदारियों और अन्य जगहों पर तलाशते रहे। इस दौरान आरोपी राजकुमार भी उनकी मदद का नाटक करते हुए उनके साथ-साथ रहा। बताया कि नौ मार्च को वह अनिल की गुमशुदगी दर्ज कराने गए तो भी राजकुमार साथ रहा। मगर उन्हें शुरू से ही राजकुमार पर शक हो गया था। इसके बारे में उन्होंने पुलिस को भी अवगत करा दिया था।
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परिजनों के दबाव के बाद करीब तीन माह बाद पुलिस ने आरोपी राजकुमार से सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। कोतवाल अमरदीप लाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अनिल और राजकुमार मिलकर सट्टे की खाईबाड़ी भी करते थे। बताया कि राजकुमार की तरफ अनिल के एक लाख 89 हजार रुपये सट्टे के थे तथा इसके अलावा राजकुमार ने अनिल की पीजीआई सरसावा में नौकरी लगवाने के नाम पर भी करीब चालीस हजार रुपये ले रखे थे। नौकरी नहीं लगी तो अनिल ने अपने रुपये मांगना शुरू कर दिया।
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इसके बाद सात मार्च को अपने प्लान के तहत राजकुमार अनिल को अपनी रिश्तेदारी से रुपये दिलवाने के नाम पर हरियाणा के करनाल में ले गया और वहां नहर किनारे बैठकर दोनों ने शराब पी। बताया कि जब अनिल को ज्यादा नशा हो गया तो राजकुमार ने उसे नशे की हालत में गहरे पानी की ओर फेंक दिया। उसकी बाइक और मोबाइल को भी नहर में ही फेंका गया ताकि उस पर कोई शक न जाए। पुलिस ने नहर किनारे आसपास के क्षेत्रों में अनिल की काफी तलाश की। मगर उसका शव अब तक नहीं मिल पाया है। अनिल के जुर्म कबूल करने पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। कोतवाल ने बताया कि शव को तलाश कराने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रेम-प्रसंग की कहानी बताकर भी किया गुमराह
नकुड़। आरोपी राजकुमार इतना शातिर निकला कि खुद को बचाने के लिए उसने पुलिस को बताया कि अनिल का मुजफ्फरनगर में किसी युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। इसके चक्कर में ही वह गुम हुआ। कोतवाली में मौजूद पिता ईलमचंद ने रूंधे गले से बताया कि उन्हें पहले दिन से ही आरोपी की बातों पर शक हो गया था। उन्होंने इस बाबत पुलिस को अवगत भी करा दिया था। लेकिन आरोपी ने पुलिस को भी उलझाए रखा। उन्हें अफसोस है कि दोस्त होकर भी राजकुमार ने अनिल की जान ले ली। अनिल अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गया है। छह वर्षीय बड़ा पुत्र दिव्यांग है।
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