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सरकारी जमीनों को निजी खातेदारों को कर दिया था आवंटित
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:45 AM IST
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सहारनपुर। ग्राम सभाओं की सरकारी जमीनों को कागजी हेराफेरी उन्हें निजी लोगों के नाम पर आवंटित कर दिया गया था। प्रशासनिक जांच में यह खुलासा हुआ तो जिले भर के सरकारी जमीनों के रिकार्ड खंगाले गए तो चकबंदी विभाग का गोलमाल सामने आया। जिलाधिकारी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर जिला चकबंदी अधिकारी रामकेश कटियार को बर्खास्त किया गया है। शासन से हुई इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि विभाग के और भी लोग प्रशासनिक रडार पर हैं।
एंटी भूमाफिया स्क्वायड के तहत सहारनपुर जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने सरकारी जमीनों को लेकर बड़ा गोलमाल पकड़ा। ज्यादातर गांवों में ग्राम समाज की जमीनों को निजी खातेदारों के नाम आवंटित किया गया था। इस पूरे मामले की जांच में जिला चकबंदी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद जिलाधिकारी पीके पांडेय ने जिला चकबंदी अधिकारी के कागजी खेल की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है। इससे पहले नोएडा में तैनाती के दौरान भी भूमि अधिग्रहण से पहले नियम विरुद्ध आदेश पारित कर ग्राम सभा की जमीनों को निजी खातेदारों के चकों में दिखाने का दोषी पाया गया। यहां बता दें कि 14 अगस्त को गठित स्क्रीनिंग कमेटी ने सहायक चकबंदी अधिकारी वीर विक्रम गौड़ को अनिवार्य सेवा निवृत्त किया गया। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने बताया कि सरकारी जमीनों को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। इसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। उसी आधार पर कार्रवाई हुई है।
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एंटी भूमाफिया स्क्वायड के तहत सहारनपुर जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने सरकारी जमीनों को लेकर बड़ा गोलमाल पकड़ा। ज्यादातर गांवों में ग्राम समाज की जमीनों को निजी खातेदारों के नाम आवंटित किया गया था। इस पूरे मामले की जांच में जिला चकबंदी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद जिलाधिकारी पीके पांडेय ने जिला चकबंदी अधिकारी के कागजी खेल की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है। इससे पहले नोएडा में तैनाती के दौरान भी भूमि अधिग्रहण से पहले नियम विरुद्ध आदेश पारित कर ग्राम सभा की जमीनों को निजी खातेदारों के चकों में दिखाने का दोषी पाया गया। यहां बता दें कि 14 अगस्त को गठित स्क्रीनिंग कमेटी ने सहायक चकबंदी अधिकारी वीर विक्रम गौड़ को अनिवार्य सेवा निवृत्त किया गया। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने बताया कि सरकारी जमीनों को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। इसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। उसी आधार पर कार्रवाई हुई है।
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