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हसनपुर चौराहे से गिरफ्तार हुई लेडी डॉन रानो
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:33 AM IST
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। छह दिन की मशक्कत के बाद आखिर सातवें दिन पुलिस ने लेडी डॉन रानो को हसनपुर चौराहे से गिरफ़्तार कर लिया। रानो पर बदमाशों के साथ ग्राम तुरमतखेड़ी में फरीद के घर घुसकर फायरिंग कर हत्या के प्रयास का आरोप है।
पुलिस के अनुसार पचास हजार के इनामी वाजिद काला की पत्नी जासमीन उर्फ रानो हसनपुर चौक पर किसी वाहन में बैठकर अधिवक्ता से मिलने के लिए जा रही थी। अधिवक्ता के माध्यम से उसे कोर्ट में सरेंडर करना था। पुलिस ने जासमीन उर्फ रानो को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो छह दिन मेें पुलिस रानो से कुछ खास राज नहीं उगलवा पाई। यहां तक कि उसके पति वाजिद काला का भी पता नहीं लगा सकी। हालांकि उससे वाजिद काला के कई ठिकाने पता कर लिए, लेकिन वाजिद काला पुलिस के हाथ नहीं आ सका। यही नहीं रानो के साथ घटना को अंजाम देने वाले अन्य बदमाशों के बारे में तो पुलिस ने जानकारी हासिल कर ली हैं, हालांकि अभी कोई भी पुलिस के हाथ नहीं आ सका है। 20 अगस्त को ही लोगों ने एक बदमाश को पकड़कर पुलिस को दिया था। पुलिस का दावा है कि रानो से काफी जानकारी हासिल हुई है तो बदमाशों को पकड़ने में काफी काम आएगी। कुछ नए बदमाशों के बारे में भी पुलिस को पता चला है, जो अभी तक पुलिस की नजरों से बचे हुए थे।
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-- यह था मामला
वर्ष 2014 में हुई तुरमतखेड़ी निवासी खालिद पुत्र रकमुद्दीन की हत्या के गवाह उसके भाई मनव्वर द्वारा मुकीम काला सहित अन्य तीन बदमाशों को नामजद किए जाने एवं पैरवी किए जाने से रोकने के लिए 20 अगस्त 2018 को 50 हजार के इनामी वाजिद काला की पत्नी जासमीन उर्फ रानो ने आधा दर्जन बदमाशों के साथ मिलकर उसके घर में घुसकर हमला कर दिया था। दो दिन पूर्व ही लूट के आरोप में जेल में बंद मनव्वर का भाई फरीद जेल से छूटकर आया था। उसे मारने के लिए ही हमला किया गया।
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इस हमले के बाद ग्रामीणों ने बदमाशों को घेर लिया। जिस पर बदमाश गन्ने के खेत में छुप गए। जहां ग्रामीणों ने एक बदमाश नौशाद निवासी गोगवान थाना कैराना को मौत के घाट उतार दिया था, जबकि सूफियान निवासी कस्बा तीतरो को दबोच कर पुलिस को सौंप दिया था। इस घटना की मास्टर माइंड लेडी डॉन जासमीन उर्फ रानो भी बदमाशों के साथ मौजूद थी। सूत्रों के मुताबिक कांबिंग के दौरान पुलिस ने रानो को भी 20 अगस्त को ही पकड़ लिया था। फरीद के पिता रकमुद्दीन ने जासमीन उर्फ रानों निवासी ग्राम जंधेडी थाना कैराना, बाबर निवासी तीतरो, मनव्वर निवासी भूरा कंडेला थाना कैराना, सुफियान निवासी तीतरो, नौशाद निवासी गांव गोगवान थाना कैराना व अन्य दो अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
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-- डेढ़ साल से वाजिद से अलग रह रही थी रानो
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रानो ने पूछताछ में बताया कि वाजिद काला लगभग डेढ़-दो साल से फरार चल रहा है। तभी से रानो उससे अलग ही रह रही है। उससे नहीं मिली है। हालांकि पुलिस रानो की बात पर विश्वास नहीं कर रही है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में रानो ने बताया कि फरीद ने ही उसे समझौते के लिए तुरमतखेड़ी बुलाया था। जहां विवाद हो गया।
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एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि जासमीन उर्फ रानो को पुलिस ने सोमवार को हसनपुर चौक से गिरफ्तार कर लिया है। वह अपने वकील से मिलकर कोर्ट में सरेंडर करने के लिए जा रही थी।
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पुलिस के अनुसार पचास हजार के इनामी वाजिद काला की पत्नी जासमीन उर्फ रानो हसनपुर चौक पर किसी वाहन में बैठकर अधिवक्ता से मिलने के लिए जा रही थी। अधिवक्ता के माध्यम से उसे कोर्ट में सरेंडर करना था। पुलिस ने जासमीन उर्फ रानो को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो छह दिन मेें पुलिस रानो से कुछ खास राज नहीं उगलवा पाई। यहां तक कि उसके पति वाजिद काला का भी पता नहीं लगा सकी। हालांकि उससे वाजिद काला के कई ठिकाने पता कर लिए, लेकिन वाजिद काला पुलिस के हाथ नहीं आ सका। यही नहीं रानो के साथ घटना को अंजाम देने वाले अन्य बदमाशों के बारे में तो पुलिस ने जानकारी हासिल कर ली हैं, हालांकि अभी कोई भी पुलिस के हाथ नहीं आ सका है। 20 अगस्त को ही लोगों ने एक बदमाश को पकड़कर पुलिस को दिया था। पुलिस का दावा है कि रानो से काफी जानकारी हासिल हुई है तो बदमाशों को पकड़ने में काफी काम आएगी। कुछ नए बदमाशों के बारे में भी पुलिस को पता चला है, जो अभी तक पुलिस की नजरों से बचे हुए थे।
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-- यह था मामला
वर्ष 2014 में हुई तुरमतखेड़ी निवासी खालिद पुत्र रकमुद्दीन की हत्या के गवाह उसके भाई मनव्वर द्वारा मुकीम काला सहित अन्य तीन बदमाशों को नामजद किए जाने एवं पैरवी किए जाने से रोकने के लिए 20 अगस्त 2018 को 50 हजार के इनामी वाजिद काला की पत्नी जासमीन उर्फ रानो ने आधा दर्जन बदमाशों के साथ मिलकर उसके घर में घुसकर हमला कर दिया था। दो दिन पूर्व ही लूट के आरोप में जेल में बंद मनव्वर का भाई फरीद जेल से छूटकर आया था। उसे मारने के लिए ही हमला किया गया।
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इस हमले के बाद ग्रामीणों ने बदमाशों को घेर लिया। जिस पर बदमाश गन्ने के खेत में छुप गए। जहां ग्रामीणों ने एक बदमाश नौशाद निवासी गोगवान थाना कैराना को मौत के घाट उतार दिया था, जबकि सूफियान निवासी कस्बा तीतरो को दबोच कर पुलिस को सौंप दिया था। इस घटना की मास्टर माइंड लेडी डॉन जासमीन उर्फ रानो भी बदमाशों के साथ मौजूद थी। सूत्रों के मुताबिक कांबिंग के दौरान पुलिस ने रानो को भी 20 अगस्त को ही पकड़ लिया था। फरीद के पिता रकमुद्दीन ने जासमीन उर्फ रानों निवासी ग्राम जंधेडी थाना कैराना, बाबर निवासी तीतरो, मनव्वर निवासी भूरा कंडेला थाना कैराना, सुफियान निवासी तीतरो, नौशाद निवासी गांव गोगवान थाना कैराना व अन्य दो अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
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-- डेढ़ साल से वाजिद से अलग रह रही थी रानो
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रानो ने पूछताछ में बताया कि वाजिद काला लगभग डेढ़-दो साल से फरार चल रहा है। तभी से रानो उससे अलग ही रह रही है। उससे नहीं मिली है। हालांकि पुलिस रानो की बात पर विश्वास नहीं कर रही है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में रानो ने बताया कि फरीद ने ही उसे समझौते के लिए तुरमतखेड़ी बुलाया था। जहां विवाद हो गया।
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एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि जासमीन उर्फ रानो को पुलिस ने सोमवार को हसनपुर चौक से गिरफ्तार कर लिया है। वह अपने वकील से मिलकर कोर्ट में सरेंडर करने के लिए जा रही थी।