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Saharanpur News: करेंसी चेस्ट में 29 लाख और मिले जाली नोट, लखनऊ से भी पहुंचे अधिकारी

Thu, 03 Sep 2026 12:56 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Thu, 03 Sep 2026 12:56 AM IST
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Counterfeit notes worth 29 lakh found in currency chest; officials arrive from Lucknow as well.
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में जाली नोटों की संख्या करीब 29 लाख और बढ़ गई, जो 17 करोड़ 29 लाख तक पहुंच गई है। बुधवार को लखनऊ से आरबीआई के कई अन्य अधिकारी भी पहुंचे और फॉरेंसिक टीम के साथ मिलकर दिन भर छानबीन की। जिन आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी उनके स्थान पर नया स्टाफ तैनात कर दिया गया है। वहीं, मामले में आरोपी पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ चल रही है। हालांकि पुलिस इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही।
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करेंसी चेस्ट में जाली नोट के मामले में आरबीआई, पीएनबी, एसआईटी और फॉरेंसिक टीम अपने-अपने स्तर से जांच कर रही है। नोटों की गिनती लगातार जारी है। सबसे पहले सात करोड़ 40 लाख रुपये जाली पाए गए थे। इसके बाद संख्या बढ़कर 17 करोड़ तक पहुंच गई। बुधवार को जांच के दौरान करीब 29 लाख के जाली नोट और मिले। जांच कर रही टीम के सदस्य भी हैरान की आखिर इतनी बड़ी संख्या में जाली नोटों की खेप चेस्ट के अंदर तक कैसी पहुंची है।
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वहीं, लखनऊ से भी आरबीआई के कई और अधिकारी करेंसी चेस्ट में पहुंचे, जिन्होंने फॉरेंसिक टीम के साथ मिलकर छानबीन की। सुबह करीब 11 बजे पांच सदस्यीय फॉरेंसिक टीम घंटाघर के सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट ब्रांच में पहुंची। टीम ने चेस्ट में पहुंचते ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। साथ ही मौके पर मौजूद अन्य जांच टीमों को भी जानकारी दी। वहीं, नोटों की गिनती देर शाम तक भी जारी थी।
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फॉरेंसिक टीम इन बिंदुओं पर कर रही जांच
फॉरेंसिक जांच टीम चेस्ट में मौजूद फिंगर प्रिंट, सीसीटीवी के साथ अन्य सबूतों को खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि करेंसी चेस्ट के स्ट्रांग रूम में प्रवेश के लिए काफी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। प्रवेश से पहले फिंगर प्रिंट स्कैन किया जाता है। फिंगर प्रिंट स्कैन होने के और सत्यापन के बाद ही अगली प्रक्रिया शुरू होती है। स्ट्रांग रूम की दो चाबियां होती हैं, जो अलग-अलग लोगों के पास होती हैं। स्ट्रांग रूम को खोलने के लिए दोनों चाबियों का इस्तेमाल करना पड़ता है। दोनों चाबियों के लगने और दोनों व्यक्तियों के फिंगर प्रिंट स्कैन होने के बाद ही स्ट्रांग रूम में प्रवेश होता है। जांच के लिए पहुंची फॉरेंसिक टीम यह पता लगाएगी कि स्ट्रांग रूम में जाली नोट रखने के लिए सिस्टम में तो छेड़छाड़ नहीं की गई। साथ ही यह भी देखा कि जाली नोटों में किस तरह का कागज, स्याही और कैसे प्रिंटर का इस्तेमाल किया गया है। जांच का जिम्मा हेड ऑफिस और आरबीआई की टीम ने संभाला हुआ है।

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वर्जन बैंक की तरफ से जो जानकारी दी गई है कि उसके अनुसार जाली नोटों की अभी तक कुल संख्या 17 करोड़ 29 लाख पहुंच गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। अभी कोई आरोपी नहीं पकड़ा गया।
- व्योम बिंदल, एसपी सिटी
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