फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Corporation is suppressing the city's waste near the population

शहर से उठाकर कचरे को आबादी के पास जमीन में दबा रहा निगम

Sun, 19 Jun 2022 11:03 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2022 11:03 PM IST
विज्ञापन
Corporation is suppressing the city's waste near the population
जनता रोड स्थित मवीखुर्द में निगम द्वारा गिराया जा रहा कूड़ा - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कार्बन न्यूट्रल, ग्रीन सहारनपुर-क्लीन सहारनपुर तथा महानगर को हरा भरा व सुंदर बनाने का दावा करने वाले नगर निगम के अधिकारी अपनी ही योजनाओं को पलीता लगाने में लगे हैं। महानगर से कचरा उठवाकर जनता रोड स्थित गांव खुर्द में आबादी से मुश्किल से 100 मीटर की दूरी पर जमीन में दबवाया जा रहा है। जबकि नियमानुसार आबादी से 200 मीटर के दायरे में कचरे को डंप नहीं किया जा सकता है। खास बात यह है कि मिश्रित कचरे में भारी मात्रा में पॉलिथीन भी शामिल हैं। कचरे और प्लास्टिक से भविष्य में गांव का भूजल दूषित होने की आशंका भी बन गई है।
विज्ञापन

नगर निगम ने कचरा निस्तारण के लिए बेहट रोड पर माहेश्वरी के पास करीब 100 बीघा भूमि तीन साल पहले खरीदी थी। तब से नगर निगम उक्त भूमि पर काम में ही जुटा है। ऐसे में महानगर से निकलने वाले कचरे को शहर के बाहर देहात में डंप किया जा रहा है।
विज्ञापन

बीते कई दिन से जनता रोड स्थित गांव खुर्द में आबादी से करीब 100 मीटर की दूसरी पर कचरा खाली खेत में जमीन में दस से 15 फीट पर दबवाया जा रहा है, जबकि नियमानुसार कचरे को आबादी क्षेत्र से 200 मीटर से कम दूरी पर डंप नहीं कर सकते हैं। लेकिन नगर निगम के अधिकारी लगातार नियमों की अनदेखी करते आए हैं। करीब चार साल पहले गांव सराय में ढमोला नदी के तट और नदी के भीतर तक हजारों टन कचरा डाला गया था। उक्त मामले को अमर उजाला ने अभियान के तौर पर चलाया था, जिसके बाद निगम को वहां कचरा डालना बंद करना पड़ा था। यही काम अब गांव खुर्द के पास आबादी से करीब 100 मीटर की दूरी पर कचरा जमीन में दबाया जा रहा है। इससे भूजल दूषित होने के साथ ही कचरे को आबादी के पास इस तरह डंप करना एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रतिदिन निकलता है 125 मीट्रिक टन कचरा
महानगर से प्रतिदिन करीब 125 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जबकि बाहरी कॉलोनियों, जिनमें कुछ गांव भी हैं उनका कचरा इससे अलग है। इसमें से करीब 10 फीसदी कचरे को एमआरएफ सेंटरों के जरिए निस्तारण किया जाता है, लेकिन शेष कचरा देहात में गहरे खेतों के भराव में इस्तेमाल किया जा रहा है।
जलाया भी जा रहा कचरा
शहर में प्लास्टिक उत्पादों से जुड़ा काम करने वाले लोग देर शाम या रात के समय प्लास्टिक कचरा डलाव घरों पर डालकर उसे आग के हवाले कर रहे हैं। पुल खुमरान स्थित डलाव घर पर दो दिन पहले रात में प्लास्टिक कचरे को आग के हवाले कर दिया गया। यहां अक्सर ऐसा होता है। इसके अलावा शकलापुरी मार्ग पर हनुमान नगर के पास प्राइवेट सफाईकर्मियों द्वारा कचरा डालकर उसमें हर दूसरे व तीसरे दिन आग के हवाले कर दिया जाता है। यह भी एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन है।
कचरे को जमीन में दबाना गलत : डॉ. उपाध्याय
पर्यावरणविद् डॉ. एसके उपाध्याय का कहना है कि कचरे को जमीन में नहीं दबाना चाहिए, क्योंकि कचरे में थैलिक एसिड होता है, जो बारिश के पानी के साथ मिलकर भूजल को दूषित करता है। इससे भविष्य में हैंडपंपों में दूषित पानी निकल सकता है, जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। साथ ही डंपिंग ग्राउंड भी आबादी के पास नहीं हो सकता।
नगर निगम का कचरा डंपिंग ग्राउंड पर ही जा रहा है। गांव खुर्द में जिस खेत में कचरा डाला जा रहा है, उस खेत के मालिक ने ही खेत के भराव के लिए कचरा डालने की मांग की थी, जिसके बाद निगम कचरे को खेत में काफी गहराई में दबा रहा है।

डॉ. कुनाल जैन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

जनता रोड स्थित मवीखुर्द में निगम द्वारा गिराया जा रहा कूड़ा

जनता रोड स्थित मवीखुर्द में निगम द्वारा गिराया जा रहा कूड़ा- फोटो : SAHARANPUR

दालमंडी पुल पर जलाया गया कूड़ा

दालमंडी पुल पर जलाया गया कूड़ा- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed