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कोरोना ने फिर लगाया स्मार्ट सिटी योजना पर ब्रेक
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सहारनपुर। कोरोना ने एक बार फिर से स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों पर ब्रेक लगा दिया है। योजना के तहत चल रहे सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) को तैयार करने का कार्य बीते कई दिन से लटका हुआ है।
स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 19 जनवरी 2018 को हुआ था। यानी तीन साल से अधिक चयन हुए हो गए हैं, मगर योजना का असर अभी तक शहर में नजर नहीं आया है। इसकी प्रमुख वजह बजट का अभाव और अधिकारियों का शिथिल रवैया रहा है। नतीजा योजना तीन साल से अधर में लटकी हुई है। योजना के तहत तैयार किए जा रहे आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) का कार्य जून 2021 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। तेजी के साथ आईसीसीसी के भवन में केबिन बनाने का कार्य चल रहा था। साथ ही शहर में करीब 900 सीसीटीवी लगाने के लिए सर्वे भी हो चुका है। मगर कोरोना की दूसरी लहर ने उक्त कार्य पर फिर से ब्रेक लगा दिया है। बीते वर्ष भी कोरोना के चलते तीन माह रहे पूर्ण लॉकडाउन और करीब आठ माह तक रही पाबंदियों के चलते स्मार्ट सिटी योजना लटक गई थी, जिससे जुड़े तमाम कार्य करीब एक साल पीछे हट गए थे। इस बार फिर ऐसा ही होता नजर आ रहा है।
आईसीसीसी के तहत होने वाले प्रमुख कार्य
- आईसीसीसी के भवन को कंट्रोल रूम के रूप में तैयार करना।
- सिटी सर्विलांस सिस्टम तैयार करना।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम।
- पब्लिक एड्रेस सिस्टम एंड इमरजेंसी कॉल बॉक्स व्यवस्था।
- ऑटोमैटिक ट्रैफिक वायलेशन डिटेक्शन।
- स्मार्ट सिटी मोबाइल एप्लीकेशन लागू करना आदि।
स्मार्ट रोड भी लटकी
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में करीब 25 किलोमीटर की स्मार्ट रोड घंटाघर के चारों ओर बनाई जानी है। इसके लिए पूरा खाका तैयार हो चुका है। जल्द ही कार्य शुरू होना था, मगर कोरोना के चलते तैयारियां अभी धीमी पड़ गई हैं।
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कोरोना महामारी ने सभी कार्यों को प्रभावित किया है स्मार्ट सिटी भी इनमें से एक है। मगर फिर भी हमारा प्रयास यही है कि कोविड के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए शहर में सुधार कार्य किए जाएं, जिससे नागरिकों की सुविधाएं बढ़ सकें।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 19 जनवरी 2018 को हुआ था। यानी तीन साल से अधिक चयन हुए हो गए हैं, मगर योजना का असर अभी तक शहर में नजर नहीं आया है। इसकी प्रमुख वजह बजट का अभाव और अधिकारियों का शिथिल रवैया रहा है। नतीजा योजना तीन साल से अधर में लटकी हुई है। योजना के तहत तैयार किए जा रहे आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) का कार्य जून 2021 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। तेजी के साथ आईसीसीसी के भवन में केबिन बनाने का कार्य चल रहा था। साथ ही शहर में करीब 900 सीसीटीवी लगाने के लिए सर्वे भी हो चुका है। मगर कोरोना की दूसरी लहर ने उक्त कार्य पर फिर से ब्रेक लगा दिया है। बीते वर्ष भी कोरोना के चलते तीन माह रहे पूर्ण लॉकडाउन और करीब आठ माह तक रही पाबंदियों के चलते स्मार्ट सिटी योजना लटक गई थी, जिससे जुड़े तमाम कार्य करीब एक साल पीछे हट गए थे। इस बार फिर ऐसा ही होता नजर आ रहा है।
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आईसीसीसी के तहत होने वाले प्रमुख कार्य
- आईसीसीसी के भवन को कंट्रोल रूम के रूप में तैयार करना।
- सिटी सर्विलांस सिस्टम तैयार करना।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम।
- पब्लिक एड्रेस सिस्टम एंड इमरजेंसी कॉल बॉक्स व्यवस्था।
- ऑटोमैटिक ट्रैफिक वायलेशन डिटेक्शन।
- स्मार्ट सिटी मोबाइल एप्लीकेशन लागू करना आदि।
स्मार्ट रोड भी लटकी
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में करीब 25 किलोमीटर की स्मार्ट रोड घंटाघर के चारों ओर बनाई जानी है। इसके लिए पूरा खाका तैयार हो चुका है। जल्द ही कार्य शुरू होना था, मगर कोरोना के चलते तैयारियां अभी धीमी पड़ गई हैं।
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कोरोना महामारी ने सभी कार्यों को प्रभावित किया है स्मार्ट सिटी भी इनमें से एक है। मगर फिर भी हमारा प्रयास यही है कि कोविड के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए शहर में सुधार कार्य किए जाएं, जिससे नागरिकों की सुविधाएं बढ़ सकें।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।