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जल्द पूरा कराया जाए ऑडिटोरियम का निर्माण
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सहारनपुर। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव एवं जनपद के नोडल अधिकारी डॉक्टर रजनीश दुबे ने राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी में ऑडिटोरियम के निर्माण को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था को लिखित में कार्य पूर्ण करने की तारीख देनी होगी। यदि निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं किया गया तो कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नोडल अधिकारी ने शुक्रवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि 20 नवंबर तक फर्श का कार्य पूरा करा दिया जाए। सोमवार से दो पालियों में कम से कम 200 व्यक्तियों को काम में जुटाएं। उन्होंने आपातकालीन वार्ड के निरीक्षण के दौरान मरीज अय्यूब से वार्ता की। अय्यूब के चिकित्सीय पर्चे पर डॉक्टर के हस्ताक्षर और सलाह न लिखी होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज में ही मरीजों के लिए प्लेटलेट्स की व्यवस्था की जाए। अपर मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज में जीवन रक्षक दवाओं एवं चिकित्सकों की उपलब्धता एवं उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। कैंटीन में खाने की गुणवत्ता का ख्याल रखा जाए। उन्होंने कहा कि आदतन गैर हाजिर रहने वाले कर्मियों को चिह्नित कर उनका वेतन काटा जाए। उन्होंने कहा कि गत दिनों मुख्य विकास अधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान सभी गैर हाजिर कर्मियों का वेतन आहरित न किया जाए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था को सुधारने के लिए औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
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नोडल अधिकारी ने शुक्रवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि 20 नवंबर तक फर्श का कार्य पूरा करा दिया जाए। सोमवार से दो पालियों में कम से कम 200 व्यक्तियों को काम में जुटाएं। उन्होंने आपातकालीन वार्ड के निरीक्षण के दौरान मरीज अय्यूब से वार्ता की। अय्यूब के चिकित्सीय पर्चे पर डॉक्टर के हस्ताक्षर और सलाह न लिखी होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज में ही मरीजों के लिए प्लेटलेट्स की व्यवस्था की जाए। अपर मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज में जीवन रक्षक दवाओं एवं चिकित्सकों की उपलब्धता एवं उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। कैंटीन में खाने की गुणवत्ता का ख्याल रखा जाए। उन्होंने कहा कि आदतन गैर हाजिर रहने वाले कर्मियों को चिह्नित कर उनका वेतन काटा जाए। उन्होंने कहा कि गत दिनों मुख्य विकास अधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान सभी गैर हाजिर कर्मियों का वेतन आहरित न किया जाए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था को सुधारने के लिए औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
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