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अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में पठन पाठन को लेकर असमंजस

Tue, 13 Oct 2020 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2020 11:57 PM IST
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Confusion about reading in English medium schools
सहारनपुर। नई शिक्षा नीति के अनुसार पांचवीं तक के बच्चों को मातृ भाषा यानी हिंदी में पढ़ाया जाना है। ऐसे में जनपद में चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के 292 अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के शिक्षक असमंजस में हैं। विभाग की तरफ से विद्यालयों को किताबों का वितरण भी अंग्रेजी माध्यम का ही हुआ है। यदि शिक्षा नीति के पालन की बात करें तो हिंदी में पढ़ाई होनी चाहिए, इस संबंध में किताबें उनके पास नहीं हैं। विभागीय स्तर से भी कोई स्पष्ट आदेश नहीं होने के कारण शिक्षक असमंजस स्थिति में हैं।
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यह भी आ रही परेशानी
अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए भेजी गई किताबें पूरी तरह अंग्रेजी में प्रकाशित हैं। गणित तक की किताबों में तथ्य अंग्रेजी में दिया गया है, इस कारण ग्रामीण पृष्ठभूमि और कम पढ़े लिखे परिवारों के बच्चों को समझा पाना मुश्किल हो रहा है। शिक्षकों का कहना है कि चूंकि बच्चों का आधार अंग्रेजी माध्यम का नहीं है, ऐेसे में पठन पाठन कठिन हो रहा है।
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जिले में विद्यालयों की स्थिति
प्राथमिक विद्यालय ---- 1355
उच्च प्राथमिक विद्यालय -- 576
अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय ---- 292
8वीं तक के विद्यालयों में बच्चे -- 1.83 लाख
नई शिक्षा नीति भले ही पांचवीं तक के बच्चों को मातृ भाषा में पढ़ाने की बात कहती हो, मगर विभाग के अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में पढ़ाई अंग्रेजी भाषा में ही चलेगी। तभी उनका अंग्रेजी माध्यम होना भी सार्थक होगा। - रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए, सहारनपुर।
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