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Saharanpur News: गजवा-ए-हिंद मामले में आयोग ने मांगी प्रगति आख्या
Sat, 16 Mar 2024 12:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 16 Mar 2024 12:34 AM IST
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सहारनपुर। गजवा-ए-हिंद को लेकर विवादों में फंसे दारुल उलूम प्रकरण में तीसरी बार राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने जांच की प्रगति आख्या रिपोर्ट मांगी है। 28 मार्च तक प्रशासन को रिपोर्ट देनी है। प्रशासन रिपोर्ट तैयार करने में लगा है। निर्धारित समय में रिपोर्ट न देने पर जिलाधिकारी और एसएसपी को आयोग के समक्ष पेश होना होगा। इस बार मामले में एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। पहली रिपोर्ट पर भी आयोग ने आपत्ति जताई थी। इसके लिए दोबारा जांच के निर्देश दिए थे। दोबारा जांच रिपोर्ट लेकर बुधवार को दिल्ली में एसपी देहात सागर जैन और अपर जिलाधिकारी प्रशासन अर्चना द्विवेदी आयोग में पेश हुई थी। आयोग ने तब रिपोर्ट लेकर रख ली थी। उधर, एसएसपी का कहना है कि आयोग की तरफ से पत्र मिला है, जिसमें जांच की प्रगति आख्या रिपोर्ट मांगी गई है। वह समय से भेज दी जाएगी।
यह था मामला
वर्ष 2015 में दारुल उलूम की वेबसाइट पर किसी व्यक्ति ने गजवा-ए-हिंद को लेकर जानकारी मांगी थी, जिस पर दारुल उलूम ने जवाब में पुस्तक सुन्नत-अल-नसाई का हवाला दिया था। बाल संरक्षण आयोग ने कहा था कि यह देश विरोधी है। आयोग की तरफ से जिला प्रशासन को पत्र मिला है, जिसमें कहा गया है कि जांच की प्रगति रिपोर्ट समय से भेज दी जाए। इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है, इसके बारे में भी बताया जाए। आयोग ने पुराने आदेशों का अनुपालन करने के भी निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा तीसरी बार रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सबसे पहले पत्र में आयोग ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए थे।
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यह था मामला
वर्ष 2015 में दारुल उलूम की वेबसाइट पर किसी व्यक्ति ने गजवा-ए-हिंद को लेकर जानकारी मांगी थी, जिस पर दारुल उलूम ने जवाब में पुस्तक सुन्नत-अल-नसाई का हवाला दिया था। बाल संरक्षण आयोग ने कहा था कि यह देश विरोधी है। आयोग की तरफ से जिला प्रशासन को पत्र मिला है, जिसमें कहा गया है कि जांच की प्रगति रिपोर्ट समय से भेज दी जाए। इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है, इसके बारे में भी बताया जाए। आयोग ने पुराने आदेशों का अनुपालन करने के भी निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा तीसरी बार रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सबसे पहले पत्र में आयोग ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए थे।
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