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Saharanpur News: एक माह बीता, जाली नोटों का स्रोत पता चला न ही पकड़े गए दो नामजद आरोपी

Tue, 29 Sep 2026 12:55 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:55 AM IST
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A month has passed, but the source of the fake currency has not been identified, nor have the two named accused been arrested.
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये की जाली करेंसी मिलने के मामले को एक महीना पूरा हो गया है। जांच एजेंसियां अब तक उस कड़ी तक नहीं पहुंच पाई हैं, जहां से इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक पहुंचे। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथ में जाने के बावजूद जाली नोटों के स्रोत का खुलासा नहीं हो सका है। वहीं, नामजद किए गए दो आरोपी भी जांच एजेंसी की पकड़ से बाहर हैं।
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29 अगस्त को नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने पीएनबी की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ के जाली नोट मिलने पर कोतवाली सदर बाजार में तीन प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तीन सितंबर को एनआईए ने पूरे मामले की कमान अपने हाथों में ली। एनआईए की जांच के दौरान अब तक एक नामजद समेत पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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इनमें करेंसी चेस्ट से जुड़े लोगों के अलावा अन्य संदिग्ध भी शामिल हैं। जांच एजेंसी ने आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके बैंक खातों, मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य गतिविधियों की पड़ताल की है। इसके बावजूद जाली नोटों की पूरी सप्लाई चेन सामने नहीं आ सकी है। मामले में नामजद आरोपी सुशील शर्मा, रवि कुमार कांसे अभी गिरफ्त से बाहर हैं। उधर, एसपी सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि एनआईए टीम मामले की जांच कर रही है। पूरी कार्रवाई एनआईए अपने स्तर से कर रही है।
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-- एक माह बाद भी सबसे बड़ा सवाल कायम
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर करोड़ों रुपये की जाली करेंसी करेंसी चेस्ट तक पहुंची कैसे। नोट किस स्थान से लाए गए, किसने उन्हें चेस्ट तक पहुंचाया और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े थे, इसका स्पष्ट जवाब अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में जांच एजेंसी की कार्रवाई के बावजूद स्रोत का पता नहीं चलना प्रकरण की गंभीरता को और बढ़ा रहा है।
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