{"_id":"619d2d8d41071c6fe90cefab","slug":"cng-to-be-made-from-pressmad-in-gagalheri-sugar-mill-saharanpur-news-mrt5659608109","type":"story","status":"publish","title_hn":"गागलहेड़ी चीनी मिल में प्रेसमड से बनेगी सीएनजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गागलहेड़ी चीनी मिल में प्रेसमड से बनेगी सीएनजी
विज्ञापन
सहारनपुर। अपने वाहनों में सीएनजी का प्रयोग करने वाले जनपदवासियों के लिए खुशखबरी है। जिले में भी जल्द ही सीएनजी का उत्पादन शुरू हो जाएगा। गागलहेड़ी शुगर मिल प्रेसमड से सीएनजी बनाने वाली जनपद की पहली इकाई होगी। मिल में प्रतिदिन साढे़ सात टन सीएनजी का उत्पादन होगा। इसको आसपास के क्षेत्र में स्थित सीएनजी पंपों पर सप्लाई किया जाएगा।
लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के रेट में वाहन चालकों का टेंशन में डाल रखा है। इसे देखते हुए जिले में वाहनों में सीएनजी किट लगनी शुरू हो गई है। अगस्त माह से अब तक जिले में करीब 750 वाहन सीएनजी के पंजीकृत हो चुके हैं। जिले में पांच सीएनजी पंप बनाए जा रहे हैं। इसमें एक सरसावा में और एक नानौता में शुरू हो चुका है, जबकि तीन का संचालन भी जल्द ही शुरू हो जाएगा। सीएनजी न सिर्फ पेट्रोल से सस्ती पड़ती है, बल्कि इससे वाहन माइलेज भी अधिक देता है। इसके साथ ही सीएनजी से प्रदूषण भी कम होता। इसके चलते सीएनजी वाहनों का चलन बढ़ रहा है। गागलहेड़ी चीनी मिल में सीएनजी बनाने के लिए बायोडायजेस्टर तैयार हो गया है। मिल में जल्द ही सीएनजी का उत्पादन भी शुरू हो जाएगा।
- साढे़ सात टन सीएनजी का रोजाना उत्पादन
चीनी मिल में प्रेसमड से साढे़ सात टन सीएनजी का उत्पादन प्रतिदिन होगा। साढे़ सात टन सीएनजी तैयार करने के लिए प्रतिदिन 150 टन प्रेसमड की आवश्यकता होगी। मिल में फिलहाल 100 टन प्रेसमड निकल रही है। 50 टन प्रेसमड किसी अन्य मिल से मंगवाई जाएगी।
विज्ञापन
सीएनजी के बाद प्रेसमड से बनेगा खाद
प्रेसमड से सीएनजी बनाने के बाद बचने वाले अवशेष से खाद बनाया जाएगा। जिसे शुगर मिल अपने क्षेत्र के किसानों को उपलब्ध कराएगा। एक क्विंटल गन्ने से करीब चार किलो प्रेसमड निकलती है। फिलहाल इसे किसानों को खाद के तौर पर निशुल्क दिया जा रहा है।
गागलहेड़ी चीनी मिल में जल्द ही सीएनजी बननी शुरू हो जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बायोडायजेस्टर तैयार हो गया है। शुगर मिल में एक दिन में साढे सात टन सीएनजी बनाने का लक्ष्य है। इसकी सप्लाई सीएनजी की मार्केटिंग करने वाली सरकारी कंपनी को की जाएगी। -- धनराज सिंह, महाप्रबंधक, गागलहेड़ी शुगर मिल।
विज्ञापन
लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के रेट में वाहन चालकों का टेंशन में डाल रखा है। इसे देखते हुए जिले में वाहनों में सीएनजी किट लगनी शुरू हो गई है। अगस्त माह से अब तक जिले में करीब 750 वाहन सीएनजी के पंजीकृत हो चुके हैं। जिले में पांच सीएनजी पंप बनाए जा रहे हैं। इसमें एक सरसावा में और एक नानौता में शुरू हो चुका है, जबकि तीन का संचालन भी जल्द ही शुरू हो जाएगा। सीएनजी न सिर्फ पेट्रोल से सस्ती पड़ती है, बल्कि इससे वाहन माइलेज भी अधिक देता है। इसके साथ ही सीएनजी से प्रदूषण भी कम होता। इसके चलते सीएनजी वाहनों का चलन बढ़ रहा है। गागलहेड़ी चीनी मिल में सीएनजी बनाने के लिए बायोडायजेस्टर तैयार हो गया है। मिल में जल्द ही सीएनजी का उत्पादन भी शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
- साढे़ सात टन सीएनजी का रोजाना उत्पादन
चीनी मिल में प्रेसमड से साढे़ सात टन सीएनजी का उत्पादन प्रतिदिन होगा। साढे़ सात टन सीएनजी तैयार करने के लिए प्रतिदिन 150 टन प्रेसमड की आवश्यकता होगी। मिल में फिलहाल 100 टन प्रेसमड निकल रही है। 50 टन प्रेसमड किसी अन्य मिल से मंगवाई जाएगी।
विज्ञापन
सीएनजी के बाद प्रेसमड से बनेगा खाद
प्रेसमड से सीएनजी बनाने के बाद बचने वाले अवशेष से खाद बनाया जाएगा। जिसे शुगर मिल अपने क्षेत्र के किसानों को उपलब्ध कराएगा। एक क्विंटल गन्ने से करीब चार किलो प्रेसमड निकलती है। फिलहाल इसे किसानों को खाद के तौर पर निशुल्क दिया जा रहा है।
गागलहेड़ी चीनी मिल में जल्द ही सीएनजी बननी शुरू हो जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बायोडायजेस्टर तैयार हो गया है। शुगर मिल में एक दिन में साढे सात टन सीएनजी बनाने का लक्ष्य है। इसकी सप्लाई सीएनजी की मार्केटिंग करने वाली सरकारी कंपनी को की जाएगी। -- धनराज सिंह, महाप्रबंधक, गागलहेड़ी शुगर मिल।