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नौकरी के नाम पर 20 लाख ठगे, रिपोर्ट दर्ज
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सहारनपुर। नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख की ठगी के मामले में कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले कोर्ट के माध्यम से रेलवे के दो अधिकारियों समेत 12 लोग नामजद किए हैं।
यह था मामला
खलासी लाइन निवासी रोहित और मोहित पुत्र कमल किशोर यादव रेलवे में नौकरी के लिए प्रयास कर रहे थे। कुछ समय पूर्व उनकी मुलाकात देहरादून निवासी जितेंद्र से हुई थी। उसने बताया था कि उसका बहनोई संदीप विश्वकर्मा रेलवे में बड़ा अधिकारी है। वह मोहित व रोहित की नौकरी लगवा देगा। इसके बाद जितेंद्र दोनों भाइयों लेकर लखनऊ गया और उनकी मुलाकात कथित रेलवे अधिकारी संदीप विश्वकर्मा से कराई। दोनों भाइयों ने नौकरी की एवज संदीप विश्वकर्मा को गोमतीनगर लखनऊ स्थित उनके मकान 20 लाख रुपये दिए। आरोप है कि इसके बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर प्रशिक्षण भी दिलाया गया। बाद में दोनों भाइयों को पता लगा कि उनके साथ धोखा हुआ है। आरोप है कि मामले में जितेंद्र और संदीप के परिवार के लोग शामिल रहे। इसलिए कोर्ट के माध्यम से जितेंद्र, उसके बहनोई संदीप, बहन अन्नु, पिता मोहनलाल, भाई राजा, नवीन, वीरू, सुरेंद्र कुमार, आरके विश्वकर्मा के अतिरिक्त पदनाम से मंडल रेलवे प्रबंधक उत्तर रेलवे लखनऊ, वरिष्ठ मंडल अभियंता (यार्ड) सवारी डिब्बा कारखाना उत्तर प्रदेश आलमबाग लखनऊ के खिलाफ रिपोर्ट कराई। नियुक्त पत्र पर मंडल रेल प्रबंधक उत्तर रेलवे लखनऊ और वरिष्ठ मंडल अभियंता यार्ड की मुहर लगी थी। इसके लिए इन्हें भी नामजद किया गया है।
वहीं, एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि पुलिस तमाम बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है। पीड़ित भाइयों की ओर से मामला दर्ज कराया गया है। इसमें नामजद आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। जांच के बाद गिरफ्तारी भी होगी।
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यह था मामला
खलासी लाइन निवासी रोहित और मोहित पुत्र कमल किशोर यादव रेलवे में नौकरी के लिए प्रयास कर रहे थे। कुछ समय पूर्व उनकी मुलाकात देहरादून निवासी जितेंद्र से हुई थी। उसने बताया था कि उसका बहनोई संदीप विश्वकर्मा रेलवे में बड़ा अधिकारी है। वह मोहित व रोहित की नौकरी लगवा देगा। इसके बाद जितेंद्र दोनों भाइयों लेकर लखनऊ गया और उनकी मुलाकात कथित रेलवे अधिकारी संदीप विश्वकर्मा से कराई। दोनों भाइयों ने नौकरी की एवज संदीप विश्वकर्मा को गोमतीनगर लखनऊ स्थित उनके मकान 20 लाख रुपये दिए। आरोप है कि इसके बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर प्रशिक्षण भी दिलाया गया। बाद में दोनों भाइयों को पता लगा कि उनके साथ धोखा हुआ है। आरोप है कि मामले में जितेंद्र और संदीप के परिवार के लोग शामिल रहे। इसलिए कोर्ट के माध्यम से जितेंद्र, उसके बहनोई संदीप, बहन अन्नु, पिता मोहनलाल, भाई राजा, नवीन, वीरू, सुरेंद्र कुमार, आरके विश्वकर्मा के अतिरिक्त पदनाम से मंडल रेलवे प्रबंधक उत्तर रेलवे लखनऊ, वरिष्ठ मंडल अभियंता (यार्ड) सवारी डिब्बा कारखाना उत्तर प्रदेश आलमबाग लखनऊ के खिलाफ रिपोर्ट कराई। नियुक्त पत्र पर मंडल रेल प्रबंधक उत्तर रेलवे लखनऊ और वरिष्ठ मंडल अभियंता यार्ड की मुहर लगी थी। इसके लिए इन्हें भी नामजद किया गया है।
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वहीं, एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि पुलिस तमाम बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है। पीड़ित भाइयों की ओर से मामला दर्ज कराया गया है। इसमें नामजद आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। जांच के बाद गिरफ्तारी भी होगी।
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