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फसलों पर टूटी आंधी-ओलों की आफत
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 07 Apr 2017 12:56 AM IST
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आंधी से गिरी गेहूं की फसल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर जिले में बृहस्पतिवार को आंधी, बारिश के साथ ओले पड़ने से जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं फसलों पर यह मौसम आफत बन गया। शहर से लेकर देहात तक इस बदले मौसम का असर देखने को मिला।
गेहूं के अलावा आम, लीची, आडू, लोकाट आदि के बागों में भी काफी नुकसान है। इस बारिश के चलते गेहूं की कटाई भी प्रभावित हुई है। बृहस्पतिवार शाम को तेज हवा के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं।
बारिश के साथ आई तेज हवा से जहां गेहूं, सरसों आदि रबी फसलें जमीन पर गिर गई हैं वहीं बागों के बौर को भी इससे खासा नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा इस समय खेतों में खडी टमाटर और खीरा सहित अन्य फसलें भी ओलावृष्टि की चपेट में आकर नष्ट हो गई हैं।
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बारिश के आई तेज हवा ने फसलों को नीचे गिरा दिया है। जिले में बडे पैमाने पर आम, लीची, लोकाट, आडू आदि के बाग हैं। इस समय इन पर बौर और फल आ रहा था।
इस बारिश के साथ चली तेज हवा और ओलावृष्टि ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि गेहूं और सरसों की जो फसल पकी खडी थी उसमें सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
ओला लगते ही गेहूं और सरसों टूट कर नीचे गिर गए हैं। इसके अलावा बागों और सब्जियों को भी काफी नुकसान हुआ है। उधर, चिलकाना और छुटमलपुर क्षेत्र में भी तेज हवाओं के साथ आई बारिश और ओलावृष्टि होने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के साथ साथ हरे चारे की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। आम का बौर झड़ने से बागान मालिकों और ठेकेदारों की चिंता बढ़ गई।
बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और फिर अचानक ओलावृष्टि हो गई। छुटमलपुर क्षेत्र में दो बार ओले पड़े। पहले चार बजे और फिर शाम सात बजे ओलावृष्टि हुई।
तेज हवाओं से जहां गेहूं की फसल जमीन पर जा गिरी वहीं ओला पड़ने से दाना भी निकल कर बरबाद हो गया। शेरपुर के उमेश कांबोज, मुकेश कांबोज, मांडुवाला के सुशील राणा, बेहडा संदल सिंह के जगदीप सिंह, अजय पुंडीर, गंदेवडा राजीव पाराशर आदि का कहना है कि बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को खासा नुकसान हुआ है।
सबसे ज्यादा नुकसान बागों में हुआ है। ओला पड़ने से बौर नीचे गिर गया है। चिलकाना में भी पठेड धौलाहेडी, आल्हणपुर आदि गावों में भी शाम छह बजे करीब 10 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। ओले पड़ने से गेहूं, सरसों और हरे चारे की फसल को नुकसान हुआ है। किसान सुधीर जैन, प्रकाश चंद, राजपाल, राजकुमार, रोहिताश आदि ने बताया कि वर्षा तथा ओले पड़ने से गेहूं की कटाई देरी से होगी और गन्ना बुआई पर भी वर्षा का असर पड़ेगा।
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गेहूं के अलावा आम, लीची, आडू, लोकाट आदि के बागों में भी काफी नुकसान है। इस बारिश के चलते गेहूं की कटाई भी प्रभावित हुई है। बृहस्पतिवार शाम को तेज हवा के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं।
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बारिश के साथ आई तेज हवा से जहां गेहूं, सरसों आदि रबी फसलें जमीन पर गिर गई हैं वहीं बागों के बौर को भी इससे खासा नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा इस समय खेतों में खडी टमाटर और खीरा सहित अन्य फसलें भी ओलावृष्टि की चपेट में आकर नष्ट हो गई हैं।
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बारिश के आई तेज हवा ने फसलों को नीचे गिरा दिया है। जिले में बडे पैमाने पर आम, लीची, लोकाट, आडू आदि के बाग हैं। इस समय इन पर बौर और फल आ रहा था।
इस बारिश के साथ चली तेज हवा और ओलावृष्टि ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि गेहूं और सरसों की जो फसल पकी खडी थी उसमें सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
ओला लगते ही गेहूं और सरसों टूट कर नीचे गिर गए हैं। इसके अलावा बागों और सब्जियों को भी काफी नुकसान हुआ है। उधर, चिलकाना और छुटमलपुर क्षेत्र में भी तेज हवाओं के साथ आई बारिश और ओलावृष्टि होने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के साथ साथ हरे चारे की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। आम का बौर झड़ने से बागान मालिकों और ठेकेदारों की चिंता बढ़ गई।
बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और फिर अचानक ओलावृष्टि हो गई। छुटमलपुर क्षेत्र में दो बार ओले पड़े। पहले चार बजे और फिर शाम सात बजे ओलावृष्टि हुई।
तेज हवाओं से जहां गेहूं की फसल जमीन पर जा गिरी वहीं ओला पड़ने से दाना भी निकल कर बरबाद हो गया। शेरपुर के उमेश कांबोज, मुकेश कांबोज, मांडुवाला के सुशील राणा, बेहडा संदल सिंह के जगदीप सिंह, अजय पुंडीर, गंदेवडा राजीव पाराशर आदि का कहना है कि बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को खासा नुकसान हुआ है।
सबसे ज्यादा नुकसान बागों में हुआ है। ओला पड़ने से बौर नीचे गिर गया है। चिलकाना में भी पठेड धौलाहेडी, आल्हणपुर आदि गावों में भी शाम छह बजे करीब 10 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। ओले पड़ने से गेहूं, सरसों और हरे चारे की फसल को नुकसान हुआ है। किसान सुधीर जैन, प्रकाश चंद, राजपाल, राजकुमार, रोहिताश आदि ने बताया कि वर्षा तथा ओले पड़ने से गेहूं की कटाई देरी से होगी और गन्ना बुआई पर भी वर्षा का असर पड़ेगा।