फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Ban on animal entry in the district

जिले में लगने वाली पशु पैठ पर रोक

Mon, 22 Aug 2022 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2022 11:48 PM IST
विज्ञापन
Ban on animal entry in the district
जिले में लगने वाली पशु पैठ पर रोक
विज्ञापन

सहारनपुर। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने लंपी बीमारी के मद्देनजर जनपद में लगने वाले पशु पैंठ एवं पशु बाजारों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में अन्य जिलों एवं राज्यों से आने वाले पशुओं पर भी रोक लगाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि छुट्टा पशुओं को पकड़कर भी अलग रखा जाए।
सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में गोवंश में फैल रही लंपी स्किन बीमारी की रोकथाम की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिला पंचायती राज अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित करें कि गांव में दवाई का छिड़काव बेहतर ढंग से किया जाए। ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी एवं तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी नोडल होंगे। गोशालाओं में बीमारी से प्रभावित गोवंश को अलग से रखने के लिए अस्थायी व्यवस्था की जाए।
विज्ञापन

पशुपालन विभाग के निदेशक प्रशासन एवं विकास डॉ. इन्द्रमणि ने बताया कि यह संक्त्रसमक रोग विषाणु जनित बीमारी है। यह बीमारी गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं में पाई जाती है। रोग का फैलाव पशुओं में मक्खी, चींचड़ी एवं मच्छरों के काटने से होता है। लंपी स्किन डिजीज के मुख्य लक्षण पशुओं में हल्का बुखार होना, पूरे शरीर में जगह-जगह गांठों का उभरा हुआ दिखाई देना। उन्होंने बीमारी के रोकथाम एवं नियंत्रण के उपाय बताते हुए कहा कि बीमारी से ग्रसित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। पशुशाला की रोजाना सफाई एवं चूना आदि का छिड़काव करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्र, संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. विजय सिंह, सहायक निदेशक डॉ. आनंद कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक, अपर नगर आयुक्त एसके तिवारी, उप जिलाधिकारी अजय कुमार अम्बष्ट एवं संगीता राघव आदि मौजूद रहे।
कंट्रोल रूम के नंबर जारी
जिलाधिकारी ने जनपद के मुख्यालय, तहसील, ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए। तात्कालिक रूप से समस्याओं के निदान के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 0132-2723145, 0132-2723146 जारी किए गए हैं।

लंपी के संक्त्रस्मण से ऐसे करें पशुओं का बचाव
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव सक्सेना ने बताया कि संक्त्रस्मण से बचाव के लिए आंवला, अश्वगंधा, गिलोय एवं मुलेठी में से किसी एक की 20 ग्राम मात्रा में गुड़ मिलाकर सुबह शाम लड्डू बनाकर पशु को खिलाएं। तुलसी के पत्ते एक मुठ्ठी, दालचीनी पांच ग्राम, सोंठ पाउडर पांच ग्राम, काली मिर्च 10 नग को गुड़ में मिलाकर सुबह शाम धुआं करें। संक्त्रस्मण रोकने के लिए पशुबाड़े में गोबर के कंडे में गूगल, कपूर, नीम के सूखे पत्ते, लोबान को डालकर सुबह शाम धुंआ करें। पशुओं के स्नान के लिए 25 लीटर पानी में एक मुट्ठी नीम की पत्ती एवं 100 ग्राम फिटकरी मिलाकर प्रयोग करें। घोल से स्नान के बाद सादे पानी से नहलायें। संक्त्रस्मण होने के बाद नीम का पत्ता एक मुट्ठी, तुलसी का पत्ता एक मुट्ठी, लहसुन की कली 10 नग, लौंग 10 नग, काली मिर्च 10 नग, जीरा 15 ग्राम, हल्दी पाउडर 10 ग्राम, पान के पांच पत्ते, दो छोटे प्याज को पीसकर गुड़ में मिलाकर सुबह शाम 10-14 दिन तक खिलाएं। किसी भी पशु को बीमारी होने पर नजदीक के पशु चिकित्सालय पर उपचार कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed