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प्राधिकरण ने कर दी 44 अनाधिकृत कालोनी नियमित
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सहारनपुर। हाईकोर्ट ने सरकार की अनाधिकृत कालोनी को नियमित करने की कंपाउंडिंग नीति पर रोक लगा दी है। इससे सहारनपुर विकास प्राधिकरण का वह अभियान भी प्रभावित होगा है, जिसमें वह 166 अनाधिकृत कालोनियों को वैध करने की प्रक्रिया में जुटे थे।
विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2016 में 166 अनाधिकृत कालोनियां चिंहित की थी। विभागीय सूत्रों ने बताया कि 166 में 44 कालोनियां 2008 की चिंहित की हुई थी। प्राधिकरण ने 44 कालोनियों को इस शर्त पर नियमित किया था कि वहां के भवन स्वामी अपने भवनों को नियमित कराएंगे। मगर 12 साल बाद भी भवन स्वामी ऐसा नहीं करा पाए। ऐसे में प्राधिकरण ने 166 अनाधिकृत कालोनियों में 44 कालोनियों को भी शामिल किया हुआ है। बीते वर्ष प्राधिकरण ने चिंहित अनाधिकृत कालोनियों के कालोनाइजर को कालोनियों के मानचित्र स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए थे। प्राधिकरण की चेतावनी के बाद 2008 में चिंहित की गई 44 कालोनियों के कालोनाइजर और भवन स्वामियों ने प्राधिकरण से संपर्क किया था। कंपाउंडिंग नीति आने के बाद लोगों ने बड़ी संख्या में अपने अनाधिकृत भवनों को नियमित कराया है। शेष अनाधिकृत कालोनियों को भी नियमित करने की कार्यवाही चल रही है।
2016 के बाद नहीं हुआ चिह्निकरण
शहर में करीब चार वर्ष पहले 2016 में अनाधिकृत कालोनियों को चिंहित किया गया था। उसके बाद ऐसा कोई बड़ा अभियान नहीं चला। यही वजह है कि प्राधिकरण के पास 2020 तक की अनाधिकृत कालोनियों की कोई सही संख्या नहीं है। जबकि शहर के चारों और अनाधिकृत कालोनियों की बाढ़ आई हुई है। अवैध निर्माणों को लेकर भी यही हालात हैं।
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अनाधिकृत कालोनी और निर्माणों को लेकर हाई कोर्ट के जो भी आदेश हैं उनका अनुपालन किया जाएगा। कोशिश यही है कि कोई भी नई अनाधिकृत कालोनी और निर्माण न हो पाए।
ज्ञानेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष, एसडीए।
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विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2016 में 166 अनाधिकृत कालोनियां चिंहित की थी। विभागीय सूत्रों ने बताया कि 166 में 44 कालोनियां 2008 की चिंहित की हुई थी। प्राधिकरण ने 44 कालोनियों को इस शर्त पर नियमित किया था कि वहां के भवन स्वामी अपने भवनों को नियमित कराएंगे। मगर 12 साल बाद भी भवन स्वामी ऐसा नहीं करा पाए। ऐसे में प्राधिकरण ने 166 अनाधिकृत कालोनियों में 44 कालोनियों को भी शामिल किया हुआ है। बीते वर्ष प्राधिकरण ने चिंहित अनाधिकृत कालोनियों के कालोनाइजर को कालोनियों के मानचित्र स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए थे। प्राधिकरण की चेतावनी के बाद 2008 में चिंहित की गई 44 कालोनियों के कालोनाइजर और भवन स्वामियों ने प्राधिकरण से संपर्क किया था। कंपाउंडिंग नीति आने के बाद लोगों ने बड़ी संख्या में अपने अनाधिकृत भवनों को नियमित कराया है। शेष अनाधिकृत कालोनियों को भी नियमित करने की कार्यवाही चल रही है।
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2016 के बाद नहीं हुआ चिह्निकरण
शहर में करीब चार वर्ष पहले 2016 में अनाधिकृत कालोनियों को चिंहित किया गया था। उसके बाद ऐसा कोई बड़ा अभियान नहीं चला। यही वजह है कि प्राधिकरण के पास 2020 तक की अनाधिकृत कालोनियों की कोई सही संख्या नहीं है। जबकि शहर के चारों और अनाधिकृत कालोनियों की बाढ़ आई हुई है। अवैध निर्माणों को लेकर भी यही हालात हैं।
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अनाधिकृत कालोनी और निर्माणों को लेकर हाई कोर्ट के जो भी आदेश हैं उनका अनुपालन किया जाएगा। कोशिश यही है कि कोई भी नई अनाधिकृत कालोनी और निर्माण न हो पाए।
ज्ञानेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष, एसडीए।