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Saharanpur News: चीनी मिल में करोड़ों के दोहरे भुगतान का आरोप, एसआईटी जांच की मांग
Tue, 04 Aug 2026 01:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 04 Aug 2026 01:01 AM IST
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नानौता। किसान सहकारी चीनी मिल की प्रबंध समिति के कुछ सदस्यों ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर मिल के प्रधान प्रबंधक, लेखाकार और मुख्य लेखाकार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। शिकायत में फर्जी बिलों के जरिये ठेकेदारों और सप्लायरों को दोहरा भुगतान कर मिल को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
किसान सहकारी चीनी मिल के डायरेक्टर अरविंद कुमार, सुमन, विनोद कुमार, नवाब सिंह, अरुण कुमार, राजपाल सिंह ने शिकायत में कहा गया कि मिल में किसी भी भुगतान से पहले सहायक लेखाकार, लेखाकार, मुख्य लेखाकार और प्रधान प्रबंधक की स्वीकृति आवश्यक होती है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इसके बावजूद कई मामलों में एक ही बिल का दोबारा भुगतान किया गया। उनका दावा है कि करीब 30 से 35 ठेकेदारों को दोहरा भुगतान हुआ है, जबकि अन्य मामलों की भी जांच कराए जाने की आवश्यकता है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रकरण सामने आने के बाद निष्पक्ष जांच कराने के बजाय स्थानीय स्तर पर जांच समिति गठित कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। साथ ही यह भी आरोप है कि जिन ठेकेदारों को कथित रूप से अधिक भुगतान हुआ था, उनसे बाद में धनराशि वापस जमा कराकर मामले को समाप्त करने की कोशिश की गई। प्रबंध समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 1 अप्रैल 2025 से 20 जुलाई 2026 तक सभी ठेकेदारों और सप्लायरों के भुगतान, लेजर और बैंक अभिलेखों की स्वतंत्र एजेंसी या एसआईटी से जांच कराई जाए।
उधर, प्रधान प्रबंधक अंकित कुमार ने सांठगांठ के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि चीनी मिल के मुख्य इंजीनियर एसएस सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जिसमें मुख्य गन्ना अधिकारी व उप प्रबंधक ईडीपी की जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले से संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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किसान सहकारी चीनी मिल के डायरेक्टर अरविंद कुमार, सुमन, विनोद कुमार, नवाब सिंह, अरुण कुमार, राजपाल सिंह ने शिकायत में कहा गया कि मिल में किसी भी भुगतान से पहले सहायक लेखाकार, लेखाकार, मुख्य लेखाकार और प्रधान प्रबंधक की स्वीकृति आवश्यक होती है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इसके बावजूद कई मामलों में एक ही बिल का दोबारा भुगतान किया गया। उनका दावा है कि करीब 30 से 35 ठेकेदारों को दोहरा भुगतान हुआ है, जबकि अन्य मामलों की भी जांच कराए जाने की आवश्यकता है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रकरण सामने आने के बाद निष्पक्ष जांच कराने के बजाय स्थानीय स्तर पर जांच समिति गठित कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। साथ ही यह भी आरोप है कि जिन ठेकेदारों को कथित रूप से अधिक भुगतान हुआ था, उनसे बाद में धनराशि वापस जमा कराकर मामले को समाप्त करने की कोशिश की गई। प्रबंध समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 1 अप्रैल 2025 से 20 जुलाई 2026 तक सभी ठेकेदारों और सप्लायरों के भुगतान, लेजर और बैंक अभिलेखों की स्वतंत्र एजेंसी या एसआईटी से जांच कराई जाए।
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उधर, प्रधान प्रबंधक अंकित कुमार ने सांठगांठ के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि चीनी मिल के मुख्य इंजीनियर एसएस सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जिसमें मुख्य गन्ना अधिकारी व उप प्रबंधक ईडीपी की जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले से संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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