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शूकरों में फैल रहा अफ्रीकन फीवर, पशु पालकों में दहशत
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शूकरों में फैल रहा अफ्रीकन फीवर, पशु पालकों में दहशत
सहारनपुर। जिले में शूकर अफ्रीकन फीवर की चपेट में हैं। इनमें संक्रमण फैल रहा है। ऐसे में पशु पालकों में दहशत का माहौल बना है। एक सप्ताह पूर्व कई शूकरों की मौत हुई थी। हालांकि, विभाग का दावा है कि इस संक्रमण से मानव को कोई खतरा नहीं है।
डेढ़ सप्ताह पूर्व नुमाइश कैंप क्षेत्र में पांच शूकरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सामने आया था कि इससे पूर्व भी कई शूकर मर चुके हैं। आशंका जताई गई थी कि अफ्रीकन स्वाइन फ्लू से मौत हई है। पशुपालन विभाग की टीम ने बीमार शूकरों के सैंपल लेकर बरेली जांच के लिए भेजे थे, लेकिन अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इसके बाद दोबारा अन्य जगहों से भेजे गए बीमार शूकरों के सैंपल की रिपोर्ट बृहस्पतिवार की देर शाम पॉजिटिव आई थी, जिसमें अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई थी। इसके बाद से पशु पालन विभाग में हड़कंप मचा है।
इसमें पशु पालन विभाग की लापरवाही भी सामने आई है। क्योंकि, पूर्व में कई शूकरों की मौत हो चुकी थी, लेकिन ईलाज देरी से शुरू किया गया। सूत्र बताते हैं कि वर्तमान में महानगर के रेलवे कॉलोनी, ओजपुरा, शांतिनगर, जेल चुंगी क्षेत्र, जिले के गंगोह, सरसावा, बिहारीगढ़ और बेहट क्षेत्र में पशु पालकों के यहां शूकर बीमार हैं, जिनमें अफ्रीकन फीवर के लक्षण दिख रहे हैं, लेकिन इनका ईलाज अभी शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में पशुपालकों में दहशत बनी है।
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वहीं, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजीव सक्सेना का कहना है कि बीमार शूकरों का ईलाज भी किया जा रहा है और उनके सैंपल भी जांच के लिए भेज रहे हैं। इसके साथ ही पशु पालकों को सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है। इस संक्रमण से मानव जाति को खतरा नहीं है, लेकिन शूकरों में संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसलिए बचाव के तरीके भी बताए जा रहे हैं। एहतियात के तौर पर शूकरों के मांस की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है।
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बरतें यह सावधानी
- संक्रमित शूकर को दूसरे शूकर से दूर रखा जाए
- दस्ताने पहनकर ही शूकर को हाथ लगाया जाए। ताकि संक्रमण दूसरे शूकर तक न पहुंचे
- जिस जगह बीमार शूकर रहता है, वहां फिनाइल से सुबह और शाम को सफाई की जाए
- विभाग को जानकारी देकर तुरंत उपचार शुरू कराया जा
- इन शूकरों को खुला न छोड़ा जाए
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इस हेल्पलाइन नंबर पर दें जानकारी
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजीव सक्सेना का कहना है कि पशु पालकों की परेशानी को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर 09411913560 जारी किया है, जिस पर शूकर के संक्रमित होने पर पशु पालक जानकारी दे सकता है। इसके बाद तुरंत विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर उपचार शुरू करने के साथ ही वैक्सीनेशन कराएगी।
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सहारनपुर। जिले में शूकर अफ्रीकन फीवर की चपेट में हैं। इनमें संक्रमण फैल रहा है। ऐसे में पशु पालकों में दहशत का माहौल बना है। एक सप्ताह पूर्व कई शूकरों की मौत हुई थी। हालांकि, विभाग का दावा है कि इस संक्रमण से मानव को कोई खतरा नहीं है।
डेढ़ सप्ताह पूर्व नुमाइश कैंप क्षेत्र में पांच शूकरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सामने आया था कि इससे पूर्व भी कई शूकर मर चुके हैं। आशंका जताई गई थी कि अफ्रीकन स्वाइन फ्लू से मौत हई है। पशुपालन विभाग की टीम ने बीमार शूकरों के सैंपल लेकर बरेली जांच के लिए भेजे थे, लेकिन अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इसके बाद दोबारा अन्य जगहों से भेजे गए बीमार शूकरों के सैंपल की रिपोर्ट बृहस्पतिवार की देर शाम पॉजिटिव आई थी, जिसमें अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई थी। इसके बाद से पशु पालन विभाग में हड़कंप मचा है।
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इसमें पशु पालन विभाग की लापरवाही भी सामने आई है। क्योंकि, पूर्व में कई शूकरों की मौत हो चुकी थी, लेकिन ईलाज देरी से शुरू किया गया। सूत्र बताते हैं कि वर्तमान में महानगर के रेलवे कॉलोनी, ओजपुरा, शांतिनगर, जेल चुंगी क्षेत्र, जिले के गंगोह, सरसावा, बिहारीगढ़ और बेहट क्षेत्र में पशु पालकों के यहां शूकर बीमार हैं, जिनमें अफ्रीकन फीवर के लक्षण दिख रहे हैं, लेकिन इनका ईलाज अभी शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में पशुपालकों में दहशत बनी है।
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वहीं, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजीव सक्सेना का कहना है कि बीमार शूकरों का ईलाज भी किया जा रहा है और उनके सैंपल भी जांच के लिए भेज रहे हैं। इसके साथ ही पशु पालकों को सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है। इस संक्रमण से मानव जाति को खतरा नहीं है, लेकिन शूकरों में संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसलिए बचाव के तरीके भी बताए जा रहे हैं। एहतियात के तौर पर शूकरों के मांस की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है।
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बरतें यह सावधानी
- संक्रमित शूकर को दूसरे शूकर से दूर रखा जाए
- दस्ताने पहनकर ही शूकर को हाथ लगाया जाए। ताकि संक्रमण दूसरे शूकर तक न पहुंचे
- जिस जगह बीमार शूकर रहता है, वहां फिनाइल से सुबह और शाम को सफाई की जाए
- विभाग को जानकारी देकर तुरंत उपचार शुरू कराया जा
- इन शूकरों को खुला न छोड़ा जाए
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इस हेल्पलाइन नंबर पर दें जानकारी
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजीव सक्सेना का कहना है कि पशु पालकों की परेशानी को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर 09411913560 जारी किया है, जिस पर शूकर के संक्रमित होने पर पशु पालक जानकारी दे सकता है। इसके बाद तुरंत विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर उपचार शुरू करने के साथ ही वैक्सीनेशन कराएगी।