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Saharanpur News: मस्जिदों-मदरसों के संचालकों ने तहसील में दाखिल किया जवाब
Tue, 14 Jul 2026 01:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:13 AM IST
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देवबंद। सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के आरोप में नोटिस प्राप्त मस्जिदों और मदरसों के संचालक सोमवार को तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए संबंधित अभिलेख प्रस्तुत किए। बताया गया है कि प्रशासन ने सभी पक्षों के दस्तावेज प्राप्त करने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
प्रशासन की ओर से अंबेहटा शेखां, पांडोली, सोहनचिड़ा, चहलोली और पहाड़पुर गांवों में सरकारी भूमि पर कथित रूप से अतिक्रमण कर मस्जिदों एवं मदरसों के निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में संबंधित प्रबंधकों, मुतवल्लियों और संचालकों को 13 जुलाई को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था।
निर्धारित तिथि पर सभी संबंधित पक्ष तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार पुष्पांकर देव के समक्ष भूमि से जुड़े राजस्व अभिलेख, स्वामित्व एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। प्रशासन अब उपलब्ध अभिलेखों और राजस्व रिकॉर्ड का परीक्षण करेगा।
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आवश्यक होने पर संबंधित विभागों से भी रिपोर्ट मांगी जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अंबेहटा शेखां मदरसे के संचालक मोहम्मद सलीम का कहना है कि वह अपने पक्ष के समर्थन में सभी आवश्यक दस्तावेज प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं।
बता दें कि सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में विभिन्न धार्मिक एवं अन्य संस्थानों की भूमि संबंधी स्थिति का भी परीक्षण किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें 20 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब मामले में आगे की प्रक्रिया तय होगी।
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प्रशासन की ओर से अंबेहटा शेखां, पांडोली, सोहनचिड़ा, चहलोली और पहाड़पुर गांवों में सरकारी भूमि पर कथित रूप से अतिक्रमण कर मस्जिदों एवं मदरसों के निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में संबंधित प्रबंधकों, मुतवल्लियों और संचालकों को 13 जुलाई को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था।
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निर्धारित तिथि पर सभी संबंधित पक्ष तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार पुष्पांकर देव के समक्ष भूमि से जुड़े राजस्व अभिलेख, स्वामित्व एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। प्रशासन अब उपलब्ध अभिलेखों और राजस्व रिकॉर्ड का परीक्षण करेगा।
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आवश्यक होने पर संबंधित विभागों से भी रिपोर्ट मांगी जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अंबेहटा शेखां मदरसे के संचालक मोहम्मद सलीम का कहना है कि वह अपने पक्ष के समर्थन में सभी आवश्यक दस्तावेज प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं।
बता दें कि सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में विभिन्न धार्मिक एवं अन्य संस्थानों की भूमि संबंधी स्थिति का भी परीक्षण किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें 20 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब मामले में आगे की प्रक्रिया तय होगी।