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हाफिज का नाम निकलवाने के लिए पंचायत पर दबाव बनाने का आरोप

Sun, 01 Sep 2019 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2019 11:27 PM IST
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Accused of pressuring panchayat to get Hafiz's name removed
सहारनपुर: पत्रकारो से वार्ता करती एडवोकेट फरहा फैज - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। तीन तलाक के बाद इद्दत में बैठाने को मजबूर करने के आरोपी हाफिज का नाम निकलवाने के लिए पीड़िता पर जबरन शपथपत्र देने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता का आरोप है कि ऐसा नहीं करने पर उसको सामाजिक बहिष्कार की धमकी तक दी गई है। पीड़िता ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम उग्राहू निवासी खुर्शीदा ने 22 अगस्त को अपने पति पर तीन तलाक देने एवं देवर फरमान, जावेद, परवेज, ननद शकीला तथा मदरसे के हाफिज शब्बीर पर इद्दत में बैठने का दबाव बनाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 27 अगस्त को मुस्तकीम को गिरफ्तार कर लिया था।
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रविवार को सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज के साथ कोर्ट रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में खुर्शीदा ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि देवर समेत गांव के कुछ लोगों ने पंचायत करके उस पर हाफिज का नाम निकालने का दबाव बनाया। आरोप लगाया कि उसके पति की गिरफ्तारी के बाद से गांव का पूर्व प्रधान, उसका देवर, हाफिज समेत गांव के पांच छह लोग उसके घर पहुंचकर दो बार पंचायत कर चुके हैं। शनिवार को भी आरोपियों ने उसके घर पर पंचायत की। उसको शपथ पत्र पर अंगूठा लगाने का दबाव बनाया। जिसमें उसके लिए माफीनामा लिखा था कि उससे गलती हो गई कि उसने हाफिज शब्बीर का नाम लिखवा दिया।
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खुर्शीदा ने आरोप लगाया कि उसने जब अंगूठा लगाने से इंकार कर दिया तो उसका सामाजिक बहिष्कार करने की धमकी दी गई, उसे और उसके बच्चों को गांव से निकालने की धमकी दी गई। उसने आरोप लगाया कि पति और देवर उसकी खेती की जमीन को बेचकर उसे सड़क पर लाना चाहते हैं।

दो लाख रुपये देने से इंकार करने पर दे दिया तलाक
खुर्शीदा ने आरोप लगाया कि उसका निकाह 35 साल पहले हुआ था। ननद की लड़की की शादी में भात के लिए सभी देवर दस-दस हजार रुपये दे रहे थे, जबकि उसका पति मुस्तकीम दो लाख रुपये देने की बात कह रहा था। इसका उसने विरोध किया और बड़ा होने के नाते उसने कहा कि सब 10 हजार रुपये दे रहे हैं, हम 30 हजार रुपये दे देंगे। जिस पर मुस्तकीम नाराज होकर चला गया। शादी से लौटने के बाद उसने कहा कि वह तलाक दे रहा है, जाकर इद्दत में बैठ जा। यही नहीं पूरे गांव में मुस्तकीम ने कह दिया कि उसने खुर्शीदा को तलाक दे दिया है, लेकिन खुर्शीदा इद्दत में नहीं बैठ रही है। इस बारे में उसने अपने बेटे को हाफिज शब्बीर के पास पूछने के लिए भेजा। तो हाफिज शब्बीर ने कहा कि मुस्तकीम ने तलाक दे दिया है, खुर्शीदा को इद्दत में बैठना पड़ेगा। जिस पर वह इद्दत में बैठ गई थी। लेकिन जब उसे नए कानून के बारे में पता चला तो उसने इद्दत तोड़ दी और रिपोर्ट दर्ज करा दी। जिस पर कुछ लोग उस पर अब दबाव बना रहे हैं।
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