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उपनिबंधकों को डरा रहा था सीएम का फर्जी ओएसडी
Saharanpur
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
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सहारनपुर। एक व्यक्ति द्वारा खुद को मुख्यमंत्री का विशेष कार्याधिकारी बताकर दो उपनिबंधकों को उनके खिलाफ शिकायत मिलने का भय दिखाकर परेशान करने का मामला सामने आया है। सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने सदर थानाध्यक्ष को फर्जी ओएसडी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय से चार सितंबर को सहायक महानिरीक्षक निबंधन निरंजन कुमार को जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी गजेंद्र सिंह उनसे वार्ता करना चाहते हैं। निरंजन कुमार ने संबंधित फोन नंबर पर बात की तो दूसरी तरफ से खुद को सीएम का विशेष कार्याधिकारी बताते हुए सहारनपुर में कार्यरत उपनिबंधकों के बारे में जानकारी मांगते हुए उन्हें अपना नंबर देकर उनसे वार्ता किए जाने की अपेक्षा की। दोनों उपनिबंधकों कोमोबाइल नंबर देकर वार्ता करने के लिए कह दिया गया।
बताया जाता है कि उप निबंधक प्रथम सदर पीसी गुप्ता ने कथित ओएसडी से फोन पर बात की तो उसने कहा कि उनकी कई शिकायतें मिली हैं। जिसकी वे जांच कर रहे हैं और मिलते रहने पर मदद करने का आश्वासन दिया। विभागीय कार्य से लखनऊ में मौजूद रहे दूसरे उपनिबंधक के के शुक्ला ने वहीं से उक्त व्यक्ति से फोन पर बात की तो। उन्हें भी उनके खिलाफ शिकायत मिलने की बात कही।
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सहायक महानिरीक्षक निबंधन निरंजन कुमार के मुताबिक बृहस्पतिवार को डीएम के कैंप कार्यालय से अवगत कराया गया कि उक्त गजेंद्र सिंह फर्जी व्यक्ति है और वह मुख्यमंत्री का विशेष कार्याधिकारी नहीं है। इसके बाद निरंजन कुमार ने सदर थानाध्यक्ष को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
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जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय से चार सितंबर को सहायक महानिरीक्षक निबंधन निरंजन कुमार को जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी गजेंद्र सिंह उनसे वार्ता करना चाहते हैं। निरंजन कुमार ने संबंधित फोन नंबर पर बात की तो दूसरी तरफ से खुद को सीएम का विशेष कार्याधिकारी बताते हुए सहारनपुर में कार्यरत उपनिबंधकों के बारे में जानकारी मांगते हुए उन्हें अपना नंबर देकर उनसे वार्ता किए जाने की अपेक्षा की। दोनों उपनिबंधकों कोमोबाइल नंबर देकर वार्ता करने के लिए कह दिया गया।
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बताया जाता है कि उप निबंधक प्रथम सदर पीसी गुप्ता ने कथित ओएसडी से फोन पर बात की तो उसने कहा कि उनकी कई शिकायतें मिली हैं। जिसकी वे जांच कर रहे हैं और मिलते रहने पर मदद करने का आश्वासन दिया। विभागीय कार्य से लखनऊ में मौजूद रहे दूसरे उपनिबंधक के के शुक्ला ने वहीं से उक्त व्यक्ति से फोन पर बात की तो। उन्हें भी उनके खिलाफ शिकायत मिलने की बात कही।
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सहायक महानिरीक्षक निबंधन निरंजन कुमार के मुताबिक बृहस्पतिवार को डीएम के कैंप कार्यालय से अवगत कराया गया कि उक्त गजेंद्र सिंह फर्जी व्यक्ति है और वह मुख्यमंत्री का विशेष कार्याधिकारी नहीं है। इसके बाद निरंजन कुमार ने सदर थानाध्यक्ष को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।