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चिलकाना दसलक्षण पर्व
Updated Mon, 17 Sep 2018 12:26 AM IST
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चिलकाना। दशलक्षण पर्व पर तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया तथा श्रीजी का अभिषेक एवं पूजन किया गया।
रविवार को चिलकाना के दिगंबर जैन मंदिर में जयपुर राजस्थान से पधारे पंडित ऋषभ जैन ने कहा कि मन, वचन और काय में एक रूपता महापुरुषों का लक्षण है तथा मन, वचन और काय की विभिन्नता से दुरात्मा की पहचान होती है। मन से कुछ और, वचन से कुछ और यह कुटिलता और दोहरापन होता है। इस दोहरेपन को खत्म करके मन, वाणी तथा व्यवहार में एकरूपता लाकर सरल बनने की आवश्यकता है। सरल व्यक्ति कभी भी दोहरापन नहीं रखता है। हमें सरल व्यक्ति बन कर ही रहना चाहिए।
मंदिर जी में सुबह श्रीजी की प्रतिमा का अभिषेक किया गया तथा पूजा अर्चना की गई। इस दौरान मंदिर में बच्चों ने धार्मिक गीत प्रस्तुत किए तथा श्रद्धालुओं ने भजन गाकर श्रीजी की महिमा का गुणगान किया। इस मौके पर जैन समाज के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन, महामंत्री तरसेम जैन, प्रमोद जैन, सौरभ जैन, मन्नू जैन, अनिल जैन, सुनील जैन, विकास जैन, अभिनंदन जैन, अरविंद जैन, सचिन जैन, राकेश जैन, विनोद जैन, स्वाति जैन, अलका जैन, लक्ष्मी जैन, रजनी जैन, अनीता जैन, मेघा जैन, कुसुमलता जैन आदि रहे।
उधर, सुल्तानपुर के जैन मंदिर में भी श्रीजी का अभिषेक और पूजा अर्चना की गई। मध्यप्रदेश से पधारे पंडित धीरज कुमार जैन सकल जैन समाज को उत्तम आर्जव धर्म के पालन का उपदेश दिया। इस दौरान जैन समाज के संरक्षक सुधीर कुमार जैन, अध्यक्ष वीरेंद्र जैन, बिजेंद्र जैन, राजेश जैन, प्रवीन जैन, संदीप जैन, लवी जैन, निशांक जैन, राजकुमार जैन, आरजू जैन, अर्पित जैन आदि रहे।
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रविवार को चिलकाना के दिगंबर जैन मंदिर में जयपुर राजस्थान से पधारे पंडित ऋषभ जैन ने कहा कि मन, वचन और काय में एक रूपता महापुरुषों का लक्षण है तथा मन, वचन और काय की विभिन्नता से दुरात्मा की पहचान होती है। मन से कुछ और, वचन से कुछ और यह कुटिलता और दोहरापन होता है। इस दोहरेपन को खत्म करके मन, वाणी तथा व्यवहार में एकरूपता लाकर सरल बनने की आवश्यकता है। सरल व्यक्ति कभी भी दोहरापन नहीं रखता है। हमें सरल व्यक्ति बन कर ही रहना चाहिए।
मंदिर जी में सुबह श्रीजी की प्रतिमा का अभिषेक किया गया तथा पूजा अर्चना की गई। इस दौरान मंदिर में बच्चों ने धार्मिक गीत प्रस्तुत किए तथा श्रद्धालुओं ने भजन गाकर श्रीजी की महिमा का गुणगान किया। इस मौके पर जैन समाज के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन, महामंत्री तरसेम जैन, प्रमोद जैन, सौरभ जैन, मन्नू जैन, अनिल जैन, सुनील जैन, विकास जैन, अभिनंदन जैन, अरविंद जैन, सचिन जैन, राकेश जैन, विनोद जैन, स्वाति जैन, अलका जैन, लक्ष्मी जैन, रजनी जैन, अनीता जैन, मेघा जैन, कुसुमलता जैन आदि रहे।
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उधर, सुल्तानपुर के जैन मंदिर में भी श्रीजी का अभिषेक और पूजा अर्चना की गई। मध्यप्रदेश से पधारे पंडित धीरज कुमार जैन सकल जैन समाज को उत्तम आर्जव धर्म के पालन का उपदेश दिया। इस दौरान जैन समाज के संरक्षक सुधीर कुमार जैन, अध्यक्ष वीरेंद्र जैन, बिजेंद्र जैन, राजेश जैन, प्रवीन जैन, संदीप जैन, लवी जैन, निशांक जैन, राजकुमार जैन, आरजू जैन, अर्पित जैन आदि रहे।
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