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मदरसों में दुनियावी तालीम की व्यवस्था तो स्कूलों में दीनी तालीम क्यों नहीं: उलमा

Thu, 05 Apr 2018 12:13 AM IST
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:13 AM IST
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मदरसों में दुनियावी तालीम की व्यवस्था तो स्कूलों में दीनी तालीम क्यों नहीं: उलमा
देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद की ओर से दीनी तालीमी बेदारी मुहिम के तहत हुए कार्यक्रम में उलमा ने दीनी तालीम को जरूरी करार देते हुए स्कूलों में इसकी व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया। उलमा का कहना था जब मदरसों में दुनियावी तालीम दी जा सकती है तो स्कूलों में दीनी तालीम क्यों नहीं दी जा सकती।
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जमीयत उलमा-ए-हिंद ने बुधवार को दीनी तालीमी बेदारी मुहिम के तहत जागरूकता रैली निकाली। रैली की शुरुआत महमूद हॉल से हुई जो जामा मस्जिद पर जाकर समाप्त हुई। इसमें प्रमुख उलमा शामिल रहे। इसके उपरांत जामा मस्जिद में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि दीनी तालीम के लिए रास्ता बनाया जाना बहुत ही सराहनीय कदम है। सभी लोगों को चाहिए कि वे अपने अपने इलाकों में छोटे छोटे मकातिब खोलकर बच्चों को दीनी तालीम हासिल कराएं। ताकि उन्हें इस्लाम के बारे में जानकारी हो सके। तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि इस्लाम दुनिया का पहला ऐसा मजहब है जिसने इल्म हासिल करने पर जोर दिया। इस्लाम ने 1400 वर्ष पूर्व तालीम को जरूरी करार दिया था, जबकि दुनिया इसे आज कह रही है। उन्होंने कहा कि जब मदरसों में दुनियावी तालीम दी जा सकती है तो स्कूलों में दीनी तालीम की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने मुस्लिम समाज से आह्वान किया कि वे बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील कुछ भी बनाओ, लेकिन उन्हें एक अच्छा और सच्चा मुसलमान भी बनाएं। जमीयत के कोषाध्यक्ष मौलाना हसीब सिद्दीकी, मौलाना अब्दुल मन्नान, मौलाना इरफान, दीनी तालीमी बोर्ड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी, मौलाना जहूर अहमद, ़कारी इब्राहीम कासमी, कारी तौसीफ ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके चौधरी सादिक, कारी जुबैर, मौलाना गुलशन, कारी तजम्मुल हुसैन, राव मुशर्रफ, अबरार, मौलाना तौहीद, मोबिन अहमद, फैजी सिद्दीकी, हाजी पप्पू, कारी सलीम, मो. फुरकान, डा. एसए अजीज आदि मौजूद रहे।
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