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खेती के लिए वरदान साबित होगी मौसम की पहली बारिश
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:08 AM IST
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खेती के लिए वरदान साबित होगी मौसम की पहली बारिश
सहारनपुर। बारिश से ठंड बढ़ गई है। मंगलवार अपराह्न से शुरू हुई हल्की बारिश रबी सहित अन्य फसलों के लिए वरदान साबित होगी। गेहूं, सरसों, गन्ना और मसूर आदि फसलों को जहां एक सिंचाई का फायदा होगा वहीं पत्तियां धुल जाने से पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया ठीक प्रकार से होगी। बागों में पाले का असर कम होगा जिससे बढ़िया बौर निकलेगा, लेकिन अधिक बारिश हुई तो आलू में गलन रोग और आर्द्रता बढ़ने से सरसों आदि पर माहू कीट का प्रकोप बढ़ सकता है।
बारिश गेहूं, सरसों, मसूर , गन्ना आदि फसलों के लिए एक सिंचाई का काम करेगी। पौधों की पत्तियां धुल जाने से जहां उनकी भोजन बनाने की प्रक्रिया तेज होगी वहीं उनकी ग्रोथ में खासा इजाफा होगा। उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि इस बारिश से अचानक बढे़ तापमान में गिरावट आ जाएगी। फसलों में पानी की पूर्ति हो जाएगी। कुल मिलाकर यह बारिश खेती के लिए वरदान साबित होगी। जिले में बडे़ क्षेत्रफल में आम, लीची और अमरूद सहित अन्य बाग हैं। वर्ष की पहली बारिश बागों के लिए खासी फायदेमंद होगी। आम और लीची में जहां बौर बढ़िया निकलेगा जिससे इसके उत्पादन में इजाफा होगा। कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. बीपी शाही ने बताया कि यदि बारिश अधिक हुई तो नीचे क्षेत्रों में आलू की फसल में गलन जैसी बीमारी आने की आशंका रहेगी। इसके लिए किसानों को मैंकोजेब और एक 45 की दो एमएल मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करना चाहिए। इसके अलावा मटर, गोभी आदि सब्जियों की अन्य फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद रहेगी।
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सहारनपुर। बारिश से ठंड बढ़ गई है। मंगलवार अपराह्न से शुरू हुई हल्की बारिश रबी सहित अन्य फसलों के लिए वरदान साबित होगी। गेहूं, सरसों, गन्ना और मसूर आदि फसलों को जहां एक सिंचाई का फायदा होगा वहीं पत्तियां धुल जाने से पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया ठीक प्रकार से होगी। बागों में पाले का असर कम होगा जिससे बढ़िया बौर निकलेगा, लेकिन अधिक बारिश हुई तो आलू में गलन रोग और आर्द्रता बढ़ने से सरसों आदि पर माहू कीट का प्रकोप बढ़ सकता है।
बारिश गेहूं, सरसों, मसूर , गन्ना आदि फसलों के लिए एक सिंचाई का काम करेगी। पौधों की पत्तियां धुल जाने से जहां उनकी भोजन बनाने की प्रक्रिया तेज होगी वहीं उनकी ग्रोथ में खासा इजाफा होगा। उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि इस बारिश से अचानक बढे़ तापमान में गिरावट आ जाएगी। फसलों में पानी की पूर्ति हो जाएगी। कुल मिलाकर यह बारिश खेती के लिए वरदान साबित होगी। जिले में बडे़ क्षेत्रफल में आम, लीची और अमरूद सहित अन्य बाग हैं। वर्ष की पहली बारिश बागों के लिए खासी फायदेमंद होगी। आम और लीची में जहां बौर बढ़िया निकलेगा जिससे इसके उत्पादन में इजाफा होगा। कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. बीपी शाही ने बताया कि यदि बारिश अधिक हुई तो नीचे क्षेत्रों में आलू की फसल में गलन जैसी बीमारी आने की आशंका रहेगी। इसके लिए किसानों को मैंकोजेब और एक 45 की दो एमएल मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करना चाहिए। इसके अलावा मटर, गोभी आदि सब्जियों की अन्य फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद रहेगी।
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