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बेटी ने पिता के उपचार के लिए पीएम मोदी से लगाई मदद की गुहार
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:27 AM IST
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गंगोह (सहारनपुर)। दुर्घटना के चलते पिछले एक वर्ष से कोमा में पड़े गांव अलीपुरा निवासी एक युवक की 6 साल की बच्ची ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने पिता के उपचार के लिए मदद मांगी है। प्रधानमंत्री से मदद की उम्मीद में लिखे गए बेहद मार्मिक पत्र में बच्ची ने बताया कि उनके सारे रुपये पिता के उपचार में खर्च हो चुके हैं और वह अब उपचार कराना तो दूर दाने-दाने को मोहताज है।
गंगोह ब्लाक के गांव अलीपुरा निवासी अरुण फोटोग्राफी का काम करता था। करीब एक वर्ष पूर्व वह थाना मिर्जापुर के एक गांव में फोटो खींचकर बाइक से लौट रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर-ट्राली ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी थी। इसमें उसे गंभीर चोटें आई थीं और वह कोमा में चला गया था। परिवार में वह ही इकलौता कमाने वाला शख्स था। दुर्घटना से 15 दिन पूर्व ही उसकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया था। बेटी ईशु उस वक्त 5 साल की थी। अरुण के पिता और भाई मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। एक बहन है जिसकी अभी तक शादी नहीं हुई है। दुर्घटना के बाद अरुण की पत्नी ने जगाधरी में उसका उपचार कराया परंतु गंभीर हालत के चलते उसे वहां से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। करीब एक साल तक उपचार कराने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी सारी जमा पूंजी भी खत्म हो गई। इसके बाद वह उसे घर ले आई। अरुण की पुत्री ईशु से अपने पिता की हालत और माता की बेबसी देखी नहीं गई। उसने परिवार की बेहद खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने पिता का उपचार कराने का आग्रह किया है। उसे पूरा विश्वास है कि मोदी उसके पत्र का संज्ञान लेकर उसकी मदद अवश्य करेंगे।
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गंगोह ब्लाक के गांव अलीपुरा निवासी अरुण फोटोग्राफी का काम करता था। करीब एक वर्ष पूर्व वह थाना मिर्जापुर के एक गांव में फोटो खींचकर बाइक से लौट रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर-ट्राली ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी थी। इसमें उसे गंभीर चोटें आई थीं और वह कोमा में चला गया था। परिवार में वह ही इकलौता कमाने वाला शख्स था। दुर्घटना से 15 दिन पूर्व ही उसकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया था। बेटी ईशु उस वक्त 5 साल की थी। अरुण के पिता और भाई मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। एक बहन है जिसकी अभी तक शादी नहीं हुई है। दुर्घटना के बाद अरुण की पत्नी ने जगाधरी में उसका उपचार कराया परंतु गंभीर हालत के चलते उसे वहां से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। करीब एक साल तक उपचार कराने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी सारी जमा पूंजी भी खत्म हो गई। इसके बाद वह उसे घर ले आई। अरुण की पुत्री ईशु से अपने पिता की हालत और माता की बेबसी देखी नहीं गई। उसने परिवार की बेहद खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने पिता का उपचार कराने का आग्रह किया है। उसे पूरा विश्वास है कि मोदी उसके पत्र का संज्ञान लेकर उसकी मदद अवश्य करेंगे।
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