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अल्पसंख्यकों में खौफ का माहौल
Updated Fri, 04 May 2018 11:56 PM IST
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गंगोह (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के सदर मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि इस समय देश में नफरत की सियासत चल रही है, जिससे हालात तनावपूर्ण बने हुए है। अल्पसंख्यकों में खौफ का माहौल बना हुआ है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वह अच्छे अखलाक पेश कर अपना मजहबी फर्ज अदा करें। कुरान हिफ्ज करने वाले 80 छात्रों की दस्तारबंदी की गई।
बृहस्पतिवार रात मदरसा मदनिया तालीम-उल-कुरान में जलसा-ए-दस्तारबंदी का शुभारंभ नात-ए-पाक और तिलावत-ए-कुरान के साथ किया गया। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि देश में मजहब के नाम पर लोगों को मारा और लूटा जा रहा है। मुसलमानों के दीनी सिलसिले पर सवाल खड़े कर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वह अच्छे अखलाक पेश कर अपना मजहबी फर्ज अदा करे। उन्होंने कहा कि बिना तालीम के कोई भी कौम तरक्की नही कर सकती। कहा कि कुरान अल्लाह का कलाम है, जिसमें हर मसले का हल मौजूद है। उन्होंने कुरान हिफ्ज करने और इसकी तिलावत करने को सबसे बड़ा सवाब बताया। कहा कि मौजूदा दौर में मुसलमान दीनी तालीम से हट गया है जिससे वह दुनिया में परेशान होने के साथ ही अपनी आखिरत भी खराब कर रहा है। उन्होंने कहा कि मदरसे दीन के सतून हैं इनकी हिफाजत करना हर मुसलमान का फर्ज है। इस अवसर पर मदरसे से कुरान हिफ्ज करने वाले 80 छात्रों की दस्तारबंदी की गई। मदरसे में पढ़ने वाले दो बच्चों द्वारा यूपी बोर्ड की हाई स्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने पर उन्हें सम्मानित किया गया वहीं एक छात्र द्वारा एक बार में ही बिना किसी गलती के कुरान शरीफ सुनाए जाने पर उसे भी सम्मानित किया गया। अंत में मौलाना तल्हा ने मुल्क एवं कौम की सलामती के लिए दुआ कराई। सदारत मौलाना अरशद मदनी एवं निजामत मदरसे के मोहतमिम मौलाना अजहर मदनी ने की। मुफ्ती खालिद सैफुल्ला, मौलाना हुजेफा थानवी, मौलाना इलयास, मौलाना अरशद, कारी साजिद, असदुल्ला अजमेरी, कारी खुर्शीद, मौलाना साबिर आदि ने भी संबोधित किया।
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बृहस्पतिवार रात मदरसा मदनिया तालीम-उल-कुरान में जलसा-ए-दस्तारबंदी का शुभारंभ नात-ए-पाक और तिलावत-ए-कुरान के साथ किया गया। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि देश में मजहब के नाम पर लोगों को मारा और लूटा जा रहा है। मुसलमानों के दीनी सिलसिले पर सवाल खड़े कर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वह अच्छे अखलाक पेश कर अपना मजहबी फर्ज अदा करे। उन्होंने कहा कि बिना तालीम के कोई भी कौम तरक्की नही कर सकती। कहा कि कुरान अल्लाह का कलाम है, जिसमें हर मसले का हल मौजूद है। उन्होंने कुरान हिफ्ज करने और इसकी तिलावत करने को सबसे बड़ा सवाब बताया। कहा कि मौजूदा दौर में मुसलमान दीनी तालीम से हट गया है जिससे वह दुनिया में परेशान होने के साथ ही अपनी आखिरत भी खराब कर रहा है। उन्होंने कहा कि मदरसे दीन के सतून हैं इनकी हिफाजत करना हर मुसलमान का फर्ज है। इस अवसर पर मदरसे से कुरान हिफ्ज करने वाले 80 छात्रों की दस्तारबंदी की गई। मदरसे में पढ़ने वाले दो बच्चों द्वारा यूपी बोर्ड की हाई स्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने पर उन्हें सम्मानित किया गया वहीं एक छात्र द्वारा एक बार में ही बिना किसी गलती के कुरान शरीफ सुनाए जाने पर उसे भी सम्मानित किया गया। अंत में मौलाना तल्हा ने मुल्क एवं कौम की सलामती के लिए दुआ कराई। सदारत मौलाना अरशद मदनी एवं निजामत मदरसे के मोहतमिम मौलाना अजहर मदनी ने की। मुफ्ती खालिद सैफुल्ला, मौलाना हुजेफा थानवी, मौलाना इलयास, मौलाना अरशद, कारी साजिद, असदुल्ला अजमेरी, कारी खुर्शीद, मौलाना साबिर आदि ने भी संबोधित किया।
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