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पंजाबी गुरुद्वारा का समिति को लेकर दो पक्षों में विवाद
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सहारनपुर। गऊशाला रोड स्थित पंजाबी गुरुद्वारा समिति को लेकर दो पक्षों में विवाद सामने आया है। एक पक्ष ने अवैध रूप से समिति रजिस्टर्ड कराने का आरोप लगाया है। मामले में सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटीज एवं चिट्स को शिकायतीपत्र भेजा है। वहीं, दूसरे पक्ष ने आरोपों को झूठा बताया है।
बेहट रोड की इंद्रपुरी कॉलोनी निवासी सरदार हरप्रीत सिंह सचदेवा, जवाहर पार्क निवासी सरदार मोहनजीत सिंह, सरदार इंद्रजीत सिंह, सरदार सुुखदेव सिंह ने सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटीज एवं चिट्स को दिए गए शिकायत पत्र में कहा कि गुरुद्वारा के पते पर 16 नंवबर 2018 को पंजाबी गुरुद्वारा समिति के नाम से कुछ लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया। आरोप है कि यह लोग गुरुद्वारे की चल अचल संपत्ति को हड़पना चाहते हैं, जबकि वर्षों से गुरुद्वारे का मालिकाना हक उनके पास है, जिसका बैनामा भी है।
उधर, पंजाबी गुरुद्वारा के प्रधान सरदार सतनाम सिंह का कहना है कि उनकी समिति में 11 लोग सदस्य है। पहले तीन लोग ही गुरुद्वारा समिति में थे। सेवाभाव के लिए समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा गुरुद्वारे को भव्य रूप दिया जा रहा है, जिसका कार्य भी चल रहा है। समिति पर लगाए आरोप झूठे हैं। हम लोग सेवाभाव से गुरुद्वारे में काम कर रहे हैं। यह लोग झूठ फैलाकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। गुरुद्वारा सार्वजनिक संपत्ति है। कानूनी तौर पर उनके पास सभी कागजात है। दूसरे पक्ष के लोग चाहते हैं कि गुरुद्वारे पर सिर्फ उनका ही अधिकार रहे।
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बेहट रोड की इंद्रपुरी कॉलोनी निवासी सरदार हरप्रीत सिंह सचदेवा, जवाहर पार्क निवासी सरदार मोहनजीत सिंह, सरदार इंद्रजीत सिंह, सरदार सुुखदेव सिंह ने सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटीज एवं चिट्स को दिए गए शिकायत पत्र में कहा कि गुरुद्वारा के पते पर 16 नंवबर 2018 को पंजाबी गुरुद्वारा समिति के नाम से कुछ लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया। आरोप है कि यह लोग गुरुद्वारे की चल अचल संपत्ति को हड़पना चाहते हैं, जबकि वर्षों से गुरुद्वारे का मालिकाना हक उनके पास है, जिसका बैनामा भी है।
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उधर, पंजाबी गुरुद्वारा के प्रधान सरदार सतनाम सिंह का कहना है कि उनकी समिति में 11 लोग सदस्य है। पहले तीन लोग ही गुरुद्वारा समिति में थे। सेवाभाव के लिए समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा गुरुद्वारे को भव्य रूप दिया जा रहा है, जिसका कार्य भी चल रहा है। समिति पर लगाए आरोप झूठे हैं। हम लोग सेवाभाव से गुरुद्वारे में काम कर रहे हैं। यह लोग झूठ फैलाकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। गुरुद्वारा सार्वजनिक संपत्ति है। कानूनी तौर पर उनके पास सभी कागजात है। दूसरे पक्ष के लोग चाहते हैं कि गुरुद्वारे पर सिर्फ उनका ही अधिकार रहे।
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