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एसडीए के अधिकारी देखते रहे अवैध निर्माण होता रहा
Updated Wed, 25 Jul 2018 12:41 AM IST
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सहारनपुर। विकास प्राधिकरण ने रेलवे रोड पर क्वालिटी मॉडल होटल को तोड़कर किए गए अवैध निर्माण को मंगलवार को सील किया। प्राधिकरण ने भवन के निर्माण की जो घटना बताई है उसमें प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही साफ उजागर हो रही है। जिसमें प्राधिकरण के अधिकारी महीनों से आंख बंद किए रहे और अवैध निर्माण होता रहा। निर्माण कंपलीट होने और शटर तक लगने के बाद निर्माण को सील करने की याद आई।
प्राधिकरण के अधिकारियों और अभियंताओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। ताजा मामला रेलवे रोड का है। बता दें कि रेलवे रोड पर विनस सिनेमा के सामने क्वालिटी मॉडल होटल को तोड़कर करीब 25 वर्ग मीटर जगह में कॉलम और दीवारें खड़ी कर भूतल पर स्लैब डालने का काम चल रहा था। प्राधिकरण को इस निर्माण का पता तब ही चल गया था। इसके बाद प्राधिकरण ने निर्माणकर्ता के विरुद्घ उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 26, 27 और 28(1) और 28(2) की कार्रवाई की थी। क्षेत्रीय अवर अभियंता की आख्या के द्वारा अधिकारियों केे बताया गया कि बार-बार मना करने के बाद भी निर्माण किया जा रहा है। प्राधिकरण के द्वारा निर्माण और उससे जुड़ी सुविधाओं को मंगलवार को सील किया गया है, जबकि भवन पूरी तरह कंपलीट हो गया, जिसमें भूतल, प्रथम तल और मम्टी का निर्माण शामिल है। यानी कॉलम खड़े होने के बाद निर्माण के कंपलीट होने तक प्राधिकरण के अधिकारियों को कोई कार्रवाई नहीं सूझी।
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प्राधिकरण के अधिकारियों और अभियंताओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। ताजा मामला रेलवे रोड का है। बता दें कि रेलवे रोड पर विनस सिनेमा के सामने क्वालिटी मॉडल होटल को तोड़कर करीब 25 वर्ग मीटर जगह में कॉलम और दीवारें खड़ी कर भूतल पर स्लैब डालने का काम चल रहा था। प्राधिकरण को इस निर्माण का पता तब ही चल गया था। इसके बाद प्राधिकरण ने निर्माणकर्ता के विरुद्घ उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 26, 27 और 28(1) और 28(2) की कार्रवाई की थी। क्षेत्रीय अवर अभियंता की आख्या के द्वारा अधिकारियों केे बताया गया कि बार-बार मना करने के बाद भी निर्माण किया जा रहा है। प्राधिकरण के द्वारा निर्माण और उससे जुड़ी सुविधाओं को मंगलवार को सील किया गया है, जबकि भवन पूरी तरह कंपलीट हो गया, जिसमें भूतल, प्रथम तल और मम्टी का निर्माण शामिल है। यानी कॉलम खड़े होने के बाद निर्माण के कंपलीट होने तक प्राधिकरण के अधिकारियों को कोई कार्रवाई नहीं सूझी।
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