{"_id":"5a60ea0a4f1c1b91268b5127","slug":"71516300810-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढाई वर्ष बाद भी कागजों में फंसी है अमृत योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढाई वर्ष बाद भी कागजों में फंसी है अमृत योजना
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। केंद्र सरकार द्वारा ढाई वर्ष पूर्व शुरू की गई अमृत योजना सहारनपुर में आज तक धरातल पर नहीं उतरी है। अभी तक सिर्फ कागजी कार्रवाई में ही योजना फंसी है। पेयजल के लिए 29 करोड़ और तीन पार्कों के लिए 50 लाख का प्रस्ताव पास हो चुका है, जिनके टेंडर भी हो चुके हैं। इसके बावजूद जल निगम और नगर निगम कहीं भी काम शुरू नहीं करा पाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून 2015 को शहरी भारत की तस्वीर बदलने के लिए अमृत योजना की शुरूआत की। इसके लिए प्रस्ताव के आधार पर प्रत्येक जिले को बजट देने की मंजूरी दी गई। जनपद में ढाई वर्ष बाद भी अमृत योजना के तहत कोई काम नहीं हो सका। इस योजना के अंतर्गत पेयजल मिशन में महानगर में सात वाटर टैंक बनाने, पानी सप्लाई के लिए चार बड़े ट्यूबवेल लगाने और जलापूर्ति के लिए शहर में पाइप लाइन लाइन बिछाने के लिए ढाई वर्ष में प्रस्ताव तैयार किए गए। इसके लिए 29 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया, जहां से कार्यों के लिए पैसा भी पास हो गया और टेंडर भी हो चुके हैं। मगर, काम शुरू नहीं हो सका। उधर, शहर के पंत विहार, चंद्रनगर और हकीकतनगर के तीन पार्कों के सुंदरीकरण के लिए 50 लाख रुपये का प्रस्ताव पास हो चुका है। इसके तहत पार्कों का काया कल्प किया जाएगा। इस पर भी काम शुरू नहीं हो पाया है। इन पार्कों की हालत आज भी दयनीय है। शुद्ध पेयजल के लिए शहर के कई इलाकों के लोग तरस रहे हैं। हालांकि, ढाई वर्ष में योजना के तहत कागजी कार्रवाई ही पूरी की गई। धरातल पर योजना के अंतर्गत काम शुरू नहीं हो सके। इसी वजह से शहर के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली अमृत योजना से महानगर अभी तक वंचित है। इसके पीछे सरकारी तंत्र की उदासीनता साफ उजागर हुई है।
प्रस्ताव भेजने में पिछड़ा सहारनपुर
सहारनपुर। केंद्र सरकार ने ढाई वर्ष पूर्व अमृत योजना शुरू की थी। मगर, सहारनपुर नगर निगम और जल निगम योजना के तहत काम कराने के लिए प्रस्ताव नहीं भेज पाया। योजना में बजट की सीमा नहीं है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्र सरकार बजट देती है। मगर, सरकारी तंत्र की उदासीनता के चलते दो साल तक प्रस्ताव ही नहीं भेजे गए और अब जो दो प्रस्ताव पास हुए हैं। उन पर काम भी शुरू नहीं कराया जा सका।
विज्ञापन
-------------------------------------
2017 तक पूरे होने थे काम
सहारनपुर। अमृत के अंतर्गत होने वाले पहले चरण के कामों 2017 तक पूरा किया जाना था। वर्ष 2017 खत्म हो गया। मगर, कोई भी काम शुरू नहीं हो पाया है। पहले चरण के कामों की 2018 शुरू होने पर भी शुरूआत नहीं हो सकी। अभी तक सिर्फ कागजी कार्रवाई ही पूरी की जा रही है।
----------------------------------
अमृत योजना की खास बातें
-- अमृत योजना के अंतर्गत जिस इलाके को चुना जाएगा, वहां बुनियादी सुविधाएं, जैसे- बिजली, पानी की सप्लाई, सीवर, कूड़ा प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, बच्चों के लिए अच्छे पार्क, अच्छी सड़क और चारों तरफ हरियाली आदि विकसित किया जाना सुनिश्चित होगा।
-- ई-गवर्नेंस के माध्यम से कई ऐसी सुविधाएं दी जाएंगी, जो लोगों के जीवन को सुगम बनाएंगी। हर क्षेत्र के अंतर्गत नगर निकाय की कमेटियां होंगी, जो इस परियोजना को सफल बनाने की जिम्मेदारी उठाएंगी। मगर, जनपद में ऐसी किसी भी कमेटी का गठन नहीं किया जा सका है।
-- बिजली का बिल, पानी का बिल, हाउस टैक्स आदि की सुविधाएं ई-गवर्नेन्स के माध्यम से सुनिश्चित की जाएंगी।
-- प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध जल उपलब्ध कराना।
-- हर घर तक सीवरेज लाइन का जाल बिछाना।
-- प्रत्येक व्यक्ति तक डिजीटल और स्मार्ट सुविधाएं पहुंचाना।
-----------------------
अमृत योजना के तहत कार्यदायी संस्था जल निगम और नगर निगम संयुक्त रूप से कार्य कराएंगी। पार्कों और पेयजल के लिए टेंडर हो चुके हैं। जल्द काम शुरू होगा।--- गौरव वर्मा, नगरायुक्त
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून 2015 को शहरी भारत की तस्वीर बदलने के लिए अमृत योजना की शुरूआत की। इसके लिए प्रस्ताव के आधार पर प्रत्येक जिले को बजट देने की मंजूरी दी गई। जनपद में ढाई वर्ष बाद भी अमृत योजना के तहत कोई काम नहीं हो सका। इस योजना के अंतर्गत पेयजल मिशन में महानगर में सात वाटर टैंक बनाने, पानी सप्लाई के लिए चार बड़े ट्यूबवेल लगाने और जलापूर्ति के लिए शहर में पाइप लाइन लाइन बिछाने के लिए ढाई वर्ष में प्रस्ताव तैयार किए गए। इसके लिए 29 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया, जहां से कार्यों के लिए पैसा भी पास हो गया और टेंडर भी हो चुके हैं। मगर, काम शुरू नहीं हो सका। उधर, शहर के पंत विहार, चंद्रनगर और हकीकतनगर के तीन पार्कों के सुंदरीकरण के लिए 50 लाख रुपये का प्रस्ताव पास हो चुका है। इसके तहत पार्कों का काया कल्प किया जाएगा। इस पर भी काम शुरू नहीं हो पाया है। इन पार्कों की हालत आज भी दयनीय है। शुद्ध पेयजल के लिए शहर के कई इलाकों के लोग तरस रहे हैं। हालांकि, ढाई वर्ष में योजना के तहत कागजी कार्रवाई ही पूरी की गई। धरातल पर योजना के अंतर्गत काम शुरू नहीं हो सके। इसी वजह से शहर के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली अमृत योजना से महानगर अभी तक वंचित है। इसके पीछे सरकारी तंत्र की उदासीनता साफ उजागर हुई है।
विज्ञापन
प्रस्ताव भेजने में पिछड़ा सहारनपुर
सहारनपुर। केंद्र सरकार ने ढाई वर्ष पूर्व अमृत योजना शुरू की थी। मगर, सहारनपुर नगर निगम और जल निगम योजना के तहत काम कराने के लिए प्रस्ताव नहीं भेज पाया। योजना में बजट की सीमा नहीं है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्र सरकार बजट देती है। मगर, सरकारी तंत्र की उदासीनता के चलते दो साल तक प्रस्ताव ही नहीं भेजे गए और अब जो दो प्रस्ताव पास हुए हैं। उन पर काम भी शुरू नहीं कराया जा सका।
विज्ञापन
-------------------------------------
2017 तक पूरे होने थे काम
सहारनपुर। अमृत के अंतर्गत होने वाले पहले चरण के कामों 2017 तक पूरा किया जाना था। वर्ष 2017 खत्म हो गया। मगर, कोई भी काम शुरू नहीं हो पाया है। पहले चरण के कामों की 2018 शुरू होने पर भी शुरूआत नहीं हो सकी। अभी तक सिर्फ कागजी कार्रवाई ही पूरी की जा रही है।
----------------------------------
अमृत योजना की खास बातें
-- अमृत योजना के अंतर्गत जिस इलाके को चुना जाएगा, वहां बुनियादी सुविधाएं, जैसे- बिजली, पानी की सप्लाई, सीवर, कूड़ा प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, बच्चों के लिए अच्छे पार्क, अच्छी सड़क और चारों तरफ हरियाली आदि विकसित किया जाना सुनिश्चित होगा।
-- ई-गवर्नेंस के माध्यम से कई ऐसी सुविधाएं दी जाएंगी, जो लोगों के जीवन को सुगम बनाएंगी। हर क्षेत्र के अंतर्गत नगर निकाय की कमेटियां होंगी, जो इस परियोजना को सफल बनाने की जिम्मेदारी उठाएंगी। मगर, जनपद में ऐसी किसी भी कमेटी का गठन नहीं किया जा सका है।
-- बिजली का बिल, पानी का बिल, हाउस टैक्स आदि की सुविधाएं ई-गवर्नेन्स के माध्यम से सुनिश्चित की जाएंगी।
-- प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध जल उपलब्ध कराना।
-- हर घर तक सीवरेज लाइन का जाल बिछाना।
-- प्रत्येक व्यक्ति तक डिजीटल और स्मार्ट सुविधाएं पहुंचाना।
-----------------------
अमृत योजना के तहत कार्यदायी संस्था जल निगम और नगर निगम संयुक्त रूप से कार्य कराएंगी। पार्कों और पेयजल के लिए टेंडर हो चुके हैं। जल्द काम शुरू होगा।--- गौरव वर्मा, नगरायुक्त