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300 करोड़ के प्रोजेक्ट से साफ होगी ढमोला और हिंडन
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:47 AM IST
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300 करोड़ के प्रोजेक्ट से साफ होगी ढमोला और हिंडन
सहारनपुर। मंडल के जिले मुजफ्फरनगर से सांसद डा. संजीव बालियान के मोदी मंत्रिमंडल से बाहर होने के बाद सहारनपुर से जुड़ी ढमोला और हिंडन की परियोजनाओं को लेकर अटकलें जारी हैं। इसके बावजूद हिंडन और ढमोला नदी को प्रदूषण मुक्त करने की योजना तैयार हो गई और जनवरी 2018 तक इस 300 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके तहत सहारनपुर शहर से गुजरने वाली ढमोला नदी के बीचोंबीच पाइप लाइन डालकर शहर से सीवरेज लाइन को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक लाया जाएगा। एसटीपी में सीवरेज के पानी को साफ कर उसे हिंडन में मिलाया जाएगा।
प्रदूषित हो चुकी ढमोला और हिंडन नदी किनारे बसे हजारों लोगों के बीमारी का कारण भी बनती जा रही है। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना नमामि गंगे के तहत सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने शहर के बीच से गुजर रही ढमोला और हिंडन को प्रदूषण मुक्त करने का प्रस्ताव तैयार किया। तत्कालीन जल संसाधन और नदी विकास राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने इस प्रस्ताव के आधार पर ही हिंडन किनारे का दौरा कर इस पर डीपीआर तैयार कराया था। हाल ही में उस परियोजना को मंजूरी भी दे दी थी। इसके तहत शहर के बीच से गुजर रही ढमोला नदी के बीच में बड़ी पाइपलाइन डाली जाएगी। इसका कारण यह है कि शहर की ज्यादातर सीवर लाइनें ढमोला में ही मिल रही हैं। ऐसे में ढमोला नदी में मिल रहे सीवर को पाइपलाइन के जरिए उसे एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान) तक लाया जाएगा। यहां बेहद अधिक क्षमता के एसटीपी से उसके पानी को साफ कर उसे हिंडन में पहुंचाया जाएगा।
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ऐसे पूरी होगी परियोजना
केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत इस परियोजना में 300 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें 130 एमएलडी क्षमता का नया सीवारेज प्लांट बनाया जाएगा जबकि वर्तमान में सहारनपुर के मल्हीपुर रोड पर महज 28 एमएलडी का एसटीपी है। इसके बाद पाइप लाइन के जरिए यहां से शुद्ध् किए गए पानी को हिंडन तक पहुंचाया जाएगा।
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तत्कालीन केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान ने मेरे प्रस्ताव पर व्यक्तिगत रुचि दिखाकर उसे स्वीकृत किया। उनके इस निर्णय से सहारनपुर को बहुत लाभ मिलेगा। दो प्रमुख नदियों में जल प्रवाह के साथ ही शहर में साफ-सफाई आसान हो जाएगी। डा. बालियान ने इस प्रोजेक्ट पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी थी। नवंबर तक टेंडर प्रक्रिया हो जाएगी और जनवरी तक काम शुरू होने की उम्मीद है।
राघव लखनपाल शर्मा, सांसद
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सहारनपुर। मंडल के जिले मुजफ्फरनगर से सांसद डा. संजीव बालियान के मोदी मंत्रिमंडल से बाहर होने के बाद सहारनपुर से जुड़ी ढमोला और हिंडन की परियोजनाओं को लेकर अटकलें जारी हैं। इसके बावजूद हिंडन और ढमोला नदी को प्रदूषण मुक्त करने की योजना तैयार हो गई और जनवरी 2018 तक इस 300 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके तहत सहारनपुर शहर से गुजरने वाली ढमोला नदी के बीचोंबीच पाइप लाइन डालकर शहर से सीवरेज लाइन को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक लाया जाएगा। एसटीपी में सीवरेज के पानी को साफ कर उसे हिंडन में मिलाया जाएगा।
प्रदूषित हो चुकी ढमोला और हिंडन नदी किनारे बसे हजारों लोगों के बीमारी का कारण भी बनती जा रही है। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना नमामि गंगे के तहत सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने शहर के बीच से गुजर रही ढमोला और हिंडन को प्रदूषण मुक्त करने का प्रस्ताव तैयार किया। तत्कालीन जल संसाधन और नदी विकास राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने इस प्रस्ताव के आधार पर ही हिंडन किनारे का दौरा कर इस पर डीपीआर तैयार कराया था। हाल ही में उस परियोजना को मंजूरी भी दे दी थी। इसके तहत शहर के बीच से गुजर रही ढमोला नदी के बीच में बड़ी पाइपलाइन डाली जाएगी। इसका कारण यह है कि शहर की ज्यादातर सीवर लाइनें ढमोला में ही मिल रही हैं। ऐसे में ढमोला नदी में मिल रहे सीवर को पाइपलाइन के जरिए उसे एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान) तक लाया जाएगा। यहां बेहद अधिक क्षमता के एसटीपी से उसके पानी को साफ कर उसे हिंडन में पहुंचाया जाएगा।
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ऐसे पूरी होगी परियोजना
केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत इस परियोजना में 300 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें 130 एमएलडी क्षमता का नया सीवारेज प्लांट बनाया जाएगा जबकि वर्तमान में सहारनपुर के मल्हीपुर रोड पर महज 28 एमएलडी का एसटीपी है। इसके बाद पाइप लाइन के जरिए यहां से शुद्ध् किए गए पानी को हिंडन तक पहुंचाया जाएगा।
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तत्कालीन केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान ने मेरे प्रस्ताव पर व्यक्तिगत रुचि दिखाकर उसे स्वीकृत किया। उनके इस निर्णय से सहारनपुर को बहुत लाभ मिलेगा। दो प्रमुख नदियों में जल प्रवाह के साथ ही शहर में साफ-सफाई आसान हो जाएगी। डा. बालियान ने इस प्रोजेक्ट पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी थी। नवंबर तक टेंडर प्रक्रिया हो जाएगी और जनवरी तक काम शुरू होने की उम्मीद है।
राघव लखनपाल शर्मा, सांसद