फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   भारतीय संस्कृति से होता है मानवता का विस्तार: आत्मानुभवी

भारतीय संस्कृति से होता है मानवता का विस्तार: आत्मानुभवी

Mon, 20 May 2019 12:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 12:04 AM IST
विज्ञापन
भारतीय संस्कृति से होता है मानवता का विस्तार: आत्मानुभवी
सहारनपुर। आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रेम, दया, सहनशीलता और परोपकार की भावना पैदा करती है, जिससे मानवता के सद्गुणों का विस्तार होता है। इसलिए भारतीय संस्कृति सुखदायक है।
विज्ञापन

गलीरा रोड स्थित ज्योति विहार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा को रविवार को विश्राम दिया और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। कथा व्यास आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि आत्म चिंतन एवं आत्म विश्वास की पराकाष्ठा को पाकर असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। इसलिए मानव जीवन को आत्मज्ञान एवं मानव सेवा द्वारा सार्थक करना मनुष्य की बड़ी बुद्धिमानी है। ईश्वर ने मनुष्य को देह देकर बड़ा उपकार किया है। ईश्वर के उपकारों को कभी भूलना नहीं चाहिए। आधुनिक जगत की दैनिक दिनचर्या के दबाव और तनाव से भरी जिंदगी में सुख-शांति पाने के लिए जरूरी है कि हमारा दृष्टिकोण सकारात्मक हो। तभी मानव का सर्वांगीण विकास होता है। रामनाम के सहारे ही मनुष्य अपना लोक परलोक संवार लेता है। इस दौरान राजेश धीमान, मनमोहन, मदन सिंह, ज्ञानचंद, योगेश, जोगेंद्र, हयात, संजय गुप्ता, आभा गुप्ता, कविता, ममता, इंद्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed