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50 माइक्रॉन से कम की थैली बनाई तो लगेगा जुर्माना
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:37 AM IST
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सहारनपुर। जनपद में अपशिष्ट प्लास्टिक नियम 2016 लागू कर दिया गया है। इसके तहत कोई भी कैरी बैग और पॉलीथिन निर्माता 50 माइक्रॉन से कम की पॉलीथिन या कैरी बैग नहीं बनाएगा। नियम का पालन न करने वाले निर्माता पर दस हजार रुपये का जुुर्माना लगेगा। नगरायुक्त ने सभी निर्माताओं को चेतावनी जारी कर दी है।
नगरायुक्त गौरव वर्मा ने बताया कि कैरी बैग/पॉलीथिन निर्माताओं को अपना पंजीकरण नगर निगम में अनिवार्य रूप से कराना होगा। इसके लिए प्रति माह चार हजार रुपये नगर निगम में शुल्क के रूप में जमा कराने होंगे। कोई भी दुुकानदार किसी भी व्यक्ति या संस्था को प्लास्टिक बैग या कैरी बैग निशुल्क नहीं देगा। दुकानदार को दुकान पर बोर्ड लगाकर लिखना होगा कि यहां प्लास्टिक बैग या कैरी बैग निशुल्क नहीं दिए जाते हैं। साथ ही उसकी कीमत दुकान पर चस्पा करनी होगी। ठोस अपशिष्ट निस्तारण नियम 2016 के तहत यदि कोई व्यक्ति नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। एनजीटी एक्ट 2010 की धारा 15-16 के तहत सड़क किनारे भवन निर्माण सामग्री के अवशेष रखने वालों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। नगर निगम और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी समय-समय पर इसका पर्यवेक्षण करेंगे।
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नगरायुक्त गौरव वर्मा ने बताया कि कैरी बैग/पॉलीथिन निर्माताओं को अपना पंजीकरण नगर निगम में अनिवार्य रूप से कराना होगा। इसके लिए प्रति माह चार हजार रुपये नगर निगम में शुल्क के रूप में जमा कराने होंगे। कोई भी दुुकानदार किसी भी व्यक्ति या संस्था को प्लास्टिक बैग या कैरी बैग निशुल्क नहीं देगा। दुकानदार को दुकान पर बोर्ड लगाकर लिखना होगा कि यहां प्लास्टिक बैग या कैरी बैग निशुल्क नहीं दिए जाते हैं। साथ ही उसकी कीमत दुकान पर चस्पा करनी होगी। ठोस अपशिष्ट निस्तारण नियम 2016 के तहत यदि कोई व्यक्ति नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। एनजीटी एक्ट 2010 की धारा 15-16 के तहत सड़क किनारे भवन निर्माण सामग्री के अवशेष रखने वालों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। नगर निगम और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी समय-समय पर इसका पर्यवेक्षण करेंगे।
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