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किसानों का 1737 करोड रुपये बकाया
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:14 AM IST
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सहारनपुर। पेराई सत्र समाप्त होने के करीब तीन माह बाद भी किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। इसके चलते किसानों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। बीमारी से लेकर बच्चों की फीस जमा करने के लिए उन्हें कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है।
पेराई सत्र समाप्त होने के करीब तीन महीने के बाद भी मंडल की 17 शुगर मिलों पर किसानों के 1737 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया हैं। गन्ना खरीद अधिनियम के अनुसार गन्ना मिल में सप्लाई होने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का नियम है। इसके बावजूद शुगर मिलें गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रहीं हैं। ग्राम बिड़वी के सुधीर कुमार, सहजवा के बिट्टू नंबरदार, बुड्ढाखेड़ा गुर्जर के कल्याण सिंह आदि किसानों का कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ गन्ना मूल्य नहीं मिलने से किसानों की आर्थिक हालत खराब हैं। वहीं, दूसरी ओर बिजली, बैंक और सोसायटी वाले भुगतान के लिए नोटिस जारी करने से लेकर आरसी तक जारी कर रहे हैं। खेती में इस समय सर्वाधिक लागत लगती है, इसके लिए भी किसान को कर्ज लेना पड़ रहा है। उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि शुगर मिलें चीनी बेचकर बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। इसके लिए चीनी बिक्री का कोटा भी निर्धारित है। उम्मीद है कि जल्द ही पूरा बकाया गन्ना भुगतान हो जाएगा।
मंडल में बकाया गन्ना मूल्य लाख में
जिला बकाया
सहारनपुर 53347
मुजफ्फरनगर 74947
शामली 45504
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पेराई सत्र समाप्त होने के करीब तीन महीने के बाद भी मंडल की 17 शुगर मिलों पर किसानों के 1737 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया हैं। गन्ना खरीद अधिनियम के अनुसार गन्ना मिल में सप्लाई होने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का नियम है। इसके बावजूद शुगर मिलें गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रहीं हैं। ग्राम बिड़वी के सुधीर कुमार, सहजवा के बिट्टू नंबरदार, बुड्ढाखेड़ा गुर्जर के कल्याण सिंह आदि किसानों का कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ गन्ना मूल्य नहीं मिलने से किसानों की आर्थिक हालत खराब हैं। वहीं, दूसरी ओर बिजली, बैंक और सोसायटी वाले भुगतान के लिए नोटिस जारी करने से लेकर आरसी तक जारी कर रहे हैं। खेती में इस समय सर्वाधिक लागत लगती है, इसके लिए भी किसान को कर्ज लेना पड़ रहा है। उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि शुगर मिलें चीनी बेचकर बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। इसके लिए चीनी बिक्री का कोटा भी निर्धारित है। उम्मीद है कि जल्द ही पूरा बकाया गन्ना भुगतान हो जाएगा।
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मंडल में बकाया गन्ना मूल्य लाख में
जिला बकाया
सहारनपुर 53347
मुजफ्फरनगर 74947
शामली 45504