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40 दिन की पूजा से प्रसन्न होते हैं भूतेश्वर महादेव 16-43-21

Sun, 21 Jul 2019 11:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jul 2019 11:18 PM IST
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40 days worship is pleased with Bhuteshwar Mahadev
भूतेश्वर मन्दिर - फोटो : SAHARANPUR
40 दिन की पूजा से प्रसन्न होते हैं भूतेश्वर महादेव
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सहारनपुर। महानगर का प्राचीन सिद्धपीठ श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर अपने अंदर अनूठा इतिहास समेटे हुए है। भूगर्भ से शिवलिंग निकलने पर इस मंदिर की स्थापना मराठा काल में हुई थी। मंदिर में 40 दिन तक नियमित दीपक जलाने वाले भक्त को मनोवांछित फल मिलता है।
श्रावण मास चल रहा है। इन दिनों हर तरफ भगवान शंकर के जयकारों की गूंज है। ऐसे में पुराने शहर में स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर बेहद खास हो जाता है। 22 बीघा भूमि पर बना यह मंदिर पौराणिक और धार्मिक महत्व अपने अंदर समेटे हुए है। धोबीघाट के पास स्थित इस मंदिर की स्थापना 17वीं शताब्दी में भूगर्भ से शिवलिंग प्रकट होने पर हुई थी। मंदिर पर हुई नक्काशी मन को लुभाती थी, लेकिन मंदिर के रख-रखाव और सुंदरीकरण के दौरान वह नक्काशी खत्म हो गई। महानगर के चार शिवालयों में यह प्रमुख मंदिर है। श्रावण मास सहित पूरे वर्ष यहां दूसरे जिलों और प्रदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचकर मनोकामना पूर्ति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं।
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जब बजने लगी थी घंटिया और खुद हुई थी आरती
मंदिर के अधिष्ठाता पंडित अनूप शर्मा बताते हैं कि 40 वर्ष पूर्व रात में रोजाना की तरह दस बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे। तब मंदिर के अधिष्ठाता ललता प्रसाद थे। एक बार श्रावण मास में रात में तीन बजे मंदिर के कपाट खुद ही खुल गए थे और अचानक मंदिर की सभी घंटियां बजनी शुरू हो गई थी। शिवलिंग के पास जाकर देेखा तो भगवान शंकर का श्रृंगार हुआ था और उनकी आरती खुद ही हो रही थी। माना जाता है कि साक्षात देवताओं ने भगवान शंकर की आरती की थी।
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भगवान शंकर और हनुमान जी करते हैं रक्षा
इस प्राचीन मंदिर की रक्षा स्वयं भगवान शंकर और उनके रुद्रावतार हनुमान जी करते हैं। किदवंती है कि एक बार श्रावण मास में आधी रात के दौरान सफेद कपड़ों और दाढ़ी में करीब 20 फिट लंबे एक बाबा दिखाई दिए थे, जिनको भक्तों ने स्वयं देखा था और वह श्रीराम दरबार की तरफ गए, वहां से शिवालय की तरफ जाकर लुप्त हो गए। माना जाता है कि वह भगवान शंकर थे। इसी तरह कई वर्ष पूर्व भगवान शंकर के अवतार हनुमान जी के भी मंदिर परिसर में भ्रमण करते देखे जाने की बात कही जाती है।

रोजाना लगता है भोग
श्री भूतेश्वर महादेव प्रबंध समिति के अध्यक्ष आलोक गर्ग और मंत्री हेमंत मित्तल ने बताया कि मंदिर में रोजाना बाबा भूतेश्वर को भोग लगाया जाता है। सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलते हैं और श्रद्धालु बाबा के दर्शन को पहुंचने लगते हैं। फिर आठ बजे भोग लगाया जाता है। दोपहर 12 बजे भोग लगाकर कपाट बंद कर दिए जाते हैं, जो शाम चार बजे खुलते हैं और रात में दस बजे बंद होते हैं। इस मंदिर की देखरेेख अधिष्ठाता अनूप शर्मा, मनोज वशिष्ठ, शिवनाथ पांडेय, गोपाल शर्मा, राजीव शर्मा करते हैं।
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