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महाराष्ट्र में हिंसा की उच्चस्तरीय जांच कराए सरकार
Updated Sat, 06 Jan 2018 12:17 AM IST
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महाराष्ट्र में हिंसा की उच्चस्तरीय जांच कराए सरकार
देवबंद (सहारनपुर)। महाराष्ट्र में हुई हिंसा मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर शुक्रवार को भीम आर्मी एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम रामविलास यादव को भेजा है।
ज्ञापन में कहा कि पहली जनवरी को महाराष्ट्र के भीमा कोरे गांव में बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर के अनुयायी शौर्य दिवस मना रहे थे। इसी दौरान आरएसएस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने के मकसद से तोड़फोड़ कर निहत्थे लोगों पर हमला कर दिया। भीम आर्मी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष दीपक बौद्ध ने कहा कि महाराष्ट्र की घटना निंदनीय है। वहां पर हिंदू संगठनों के लोग दलित समाज को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं। इसलिए सरकार मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को सजा दिलानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिंसा में मारे गए अनुयायी के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। चेतावनी दी यदि ऐसा नहीं हुआ तो भीम आर्मी एवं सहयोगी संगठन आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति समेत पूरा दलित समाज आंदोलन को मजबूर होगा। इस मौके पर सोमपाल गौतम, देव कुमार, बिट्टू कुमार, अमित, संजय कुमार, कुलदीप, जितेंद्र नौटियाल, किरण कर्णवाल, प्रवीण, सुमित, विकास, सुशील जयसवाल आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। महाराष्ट्र में हुई हिंसा मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर शुक्रवार को भीम आर्मी एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम रामविलास यादव को भेजा है।
ज्ञापन में कहा कि पहली जनवरी को महाराष्ट्र के भीमा कोरे गांव में बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर के अनुयायी शौर्य दिवस मना रहे थे। इसी दौरान आरएसएस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने के मकसद से तोड़फोड़ कर निहत्थे लोगों पर हमला कर दिया। भीम आर्मी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष दीपक बौद्ध ने कहा कि महाराष्ट्र की घटना निंदनीय है। वहां पर हिंदू संगठनों के लोग दलित समाज को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं। इसलिए सरकार मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को सजा दिलानी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हिंसा में मारे गए अनुयायी के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। चेतावनी दी यदि ऐसा नहीं हुआ तो भीम आर्मी एवं सहयोगी संगठन आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति समेत पूरा दलित समाज आंदोलन को मजबूर होगा। इस मौके पर सोमपाल गौतम, देव कुमार, बिट्टू कुमार, अमित, संजय कुमार, कुलदीप, जितेंद्र नौटियाल, किरण कर्णवाल, प्रवीण, सुमित, विकास, सुशील जयसवाल आदि मौजूद रहे।
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