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कागजों में बने साइकिल ट्रैक के फर्जीवाड़े की होगी जांच
Updated Fri, 18 Aug 2017 12:45 AM IST
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सहारनपुर। पूर्व की अखिलेश सरकार के महत्वाकांक्षी साइकिल ट्रैक योजना में सहारनपुर में हुए गड़बड़झाले की जांच शुरू हो गई है। मंडलायुक्त ने कागजों पर काम के जरिए लाखों रुपये की हेराफेरी के मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। एक करोड़ रुपये से ज्यादा के एक प्रोजेक्ट में से 80 लाख रुपये का भुगतान ठेकेदार को कर भी दिया गया। लेकिन ट्रैक 500 मीटर भी नहीं बन पाया। प्रशासन की जांच रिपोर्ट से शासन को भी अवगत कराया जाएगा।
दरअसल, सहारनपुर में घंटाघर से लेकर कल्पना सिनेमा तक बनने वाले साइकिल ट्रैक के लिए 112.38 लाख रुपये के प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया। साइकिल ट्रैक के नाम पर कागजी घोड़े दौड़ाकर करीब 80 लाख रुपए का भुगतान निर्माण कंपनी को कर दिया गया। पांच सौ मीटर भी साइकिल ट्रैक नहीं बन पाया कि सरकार बदल गई और प्रोजेक्ट पर ब्रेक लग गया। प्रोजेक्ट की फाइलें बंद हो गईं। लेकिन जारी किए गए बजट का कोई पता नहीं चला। 80 लाख रुपये ठेकेदार के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इस पूरे गड़बड़झाले में पूर्व एसडीए उपाध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठ रहा है। इस मामले में प्रथम दृष्टया घोटाले का मामला मानते हुए मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने एसडीए उपाध्यक्ष को पूरे प्रोजेक्ट की जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मंडलायुक्त दोषियों पर कार्रवाई करेंगे। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि करीब एक करोड़ से ज्यादा की परियोजना में प्रथम दृष्टया गोलमाल प्रतीत हो रहा है। इस मामले में उपाध्यक्ष प्राधिकरण को जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, सहारनपुर में घंटाघर से लेकर कल्पना सिनेमा तक बनने वाले साइकिल ट्रैक के लिए 112.38 लाख रुपये के प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया। साइकिल ट्रैक के नाम पर कागजी घोड़े दौड़ाकर करीब 80 लाख रुपए का भुगतान निर्माण कंपनी को कर दिया गया। पांच सौ मीटर भी साइकिल ट्रैक नहीं बन पाया कि सरकार बदल गई और प्रोजेक्ट पर ब्रेक लग गया। प्रोजेक्ट की फाइलें बंद हो गईं। लेकिन जारी किए गए बजट का कोई पता नहीं चला। 80 लाख रुपये ठेकेदार के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इस पूरे गड़बड़झाले में पूर्व एसडीए उपाध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठ रहा है। इस मामले में प्रथम दृष्टया घोटाले का मामला मानते हुए मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने एसडीए उपाध्यक्ष को पूरे प्रोजेक्ट की जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मंडलायुक्त दोषियों पर कार्रवाई करेंगे। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि करीब एक करोड़ से ज्यादा की परियोजना में प्रथम दृष्टया गोलमाल प्रतीत हो रहा है। इस मामले में उपाध्यक्ष प्राधिकरण को जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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