{"_id":"5ad8de744f1c1b3a0b8b56b4","slug":"21524162164-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीए द्वितीय वर्ष के सामान्य ज्ञान प्रश्न पत्र के मुद्रण में मिलीं खामियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीए द्वितीय वर्ष के सामान्य ज्ञान प्रश्न पत्र के मुद्रण में मिलीं खामियां
Updated Fri, 20 Apr 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नागल (सहारनपुर)। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीए द्वितीय वर्ष की व्यक्तिगत परीक्षा के सामान्य ज्ञान प्रश्न पत्र को बनाने में घोर लापरवाही सामने आई है। हिंदी और अंग्रेजी में पूछे गए एक ही सवाल के अलग अलग अर्थ थे, जबकि आब्जेक्टिव उत्तर तालिका एक दे रखी थी। इससे बड़ी संख्या में परीक्षार्थी भ्रमित नजर आए।
बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से बीए द्वितीय वर्ष व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का सामान्य ज्ञान कोड नंबर ए-010 का पेपर था। इसमें पूछे गए प्रश्नों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पेपर में दिया गया था। प्रश्न पत्र में तीन प्रश्न हिंदी में तो ठीक पूछे गए थे, लेकिन उन्हें ही अंग्रेजी में ट्रांसलेट करते वक्त बड़ी गलती कर दी गई। इससे उन प्रश्नों के अर्थ ही बदल गए, जबकि आब्जेक्टिव उत्तर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में एक ही थे। पेपर में प्रश्न संख्या एक में हिंदी में पूछा गया कि राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है। जबकि इसी प्रश्न को अंग्रेजी में पूछा गया कि राज्यपाल किसकी नियुक्ति करता है। इसी तरह प्रश्न संख्या 51 में हिंदी में पूछा गया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष कौन थे, जबकि अंग्रेजी में इसी प्रश्न को पूछते वक्त लिखा गया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहना अंग्रेज व्यक्ति कौन था। इसमें प्रेसीडेंट शब्द नहीं प्रिंट किया गया। इसी तरह प्रश्न संख्या 18 में भी गलती की गई है। इससे अंग्रेजी भाषी परीक्षार्थियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से बीए द्वितीय वर्ष व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का सामान्य ज्ञान कोड नंबर ए-010 का पेपर था। इसमें पूछे गए प्रश्नों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पेपर में दिया गया था। प्रश्न पत्र में तीन प्रश्न हिंदी में तो ठीक पूछे गए थे, लेकिन उन्हें ही अंग्रेजी में ट्रांसलेट करते वक्त बड़ी गलती कर दी गई। इससे उन प्रश्नों के अर्थ ही बदल गए, जबकि आब्जेक्टिव उत्तर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में एक ही थे। पेपर में प्रश्न संख्या एक में हिंदी में पूछा गया कि राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है। जबकि इसी प्रश्न को अंग्रेजी में पूछा गया कि राज्यपाल किसकी नियुक्ति करता है। इसी तरह प्रश्न संख्या 51 में हिंदी में पूछा गया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष कौन थे, जबकि अंग्रेजी में इसी प्रश्न को पूछते वक्त लिखा गया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहना अंग्रेज व्यक्ति कौन था। इसमें प्रेसीडेंट शब्द नहीं प्रिंट किया गया। इसी तरह प्रश्न संख्या 18 में भी गलती की गई है। इससे अंग्रेजी भाषी परीक्षार्थियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन