{"_id":"5a9ee21c4f1c1ba32a8bafdc","slug":"21520362012-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुल्क में नफरत की आग भड़काने चाहते हैं वसीम रिजवी: मसीउल्लाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुल्क में नफरत की आग भड़काने चाहते हैं वसीम रिजवी: मसीउल्लाह
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद (सहारनपुर)। सपा लोहिया वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष राव मसीउल्लाह ने शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि रिजवी मुल्क में नफरत की आग को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
मंगलवार को जारी बयान में राव मसीउल्लाह ने कहा कि वसीम रिजवी अपने घोटालों पर परदा डालने के लिए मुसलमानों को बदनाम कर रहे हैं। उनके बयान से साफ है कि आने वाले समय में वह कानून के शिकंजे में होंगे और उसी से बचने के लिए मंदिर-मस्जिद के नाम पर इस तरह के भड़काऊ भाषण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान किसी भी समाज के लिए खतरा हैं। इससे हिंदू मुस्लिम एकता खंडित होने का खतरा बना हुआ है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वे वसीम रिजवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें ताकि मुल्क नफरत की आग में झुलसने से बच सके। मसीउल्लाह ने यह भी कहा कि वसीम रिजवी ने मुगल शासकों द्वारा मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनाए जाने वाला जो बयान दिया है, वह इसके सबूत भी सामने आएं, और अगर ऐसा नहीं कर सकते तो उन्हें मुस्लिम समाज से माफी मांगनी चाहिए।
विज्ञापन
मंगलवार को जारी बयान में राव मसीउल्लाह ने कहा कि वसीम रिजवी अपने घोटालों पर परदा डालने के लिए मुसलमानों को बदनाम कर रहे हैं। उनके बयान से साफ है कि आने वाले समय में वह कानून के शिकंजे में होंगे और उसी से बचने के लिए मंदिर-मस्जिद के नाम पर इस तरह के भड़काऊ भाषण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान किसी भी समाज के लिए खतरा हैं। इससे हिंदू मुस्लिम एकता खंडित होने का खतरा बना हुआ है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वे वसीम रिजवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें ताकि मुल्क नफरत की आग में झुलसने से बच सके। मसीउल्लाह ने यह भी कहा कि वसीम रिजवी ने मुगल शासकों द्वारा मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनाए जाने वाला जो बयान दिया है, वह इसके सबूत भी सामने आएं, और अगर ऐसा नहीं कर सकते तो उन्हें मुस्लिम समाज से माफी मांगनी चाहिए।
विज्ञापन