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श्रीश्री के बयान पर उलमा ने जताई नाराजगी
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:08 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। मुस्लिम बाहर ही अयोध्या मसले को सुलझा लें नहीं तो यहां भी सीरिया जैसे हालात हो जाएंगे। ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर के इस बयान पर देवबंद उलमा ने सख्त नाराजगी का इजहार किया है। उलमा का कहना है कि श्रीश्री रविशंकर मुल्क के माहौल और फिजा को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। जो निंदनीय है।
दारुल उलूम वक्फ के शेखुल हदीस मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर का बयान बेहद शर्मनाक है। इसकी पूरे मुल्क के लोगों को कड़ी निंदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीश्री रविशंकर बाबरी मस्जिद मसले को सुलझाने के लिए एक दर्जन से अधिक कोशिशें कर चुके हैं, लेकिन सभी नाकाम रहीं और लोगों ने उन पर कोई ध्यान ही नहीं दिया। इतना ही नहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और हिंदू संगठन अयोध्या मसले में श्रीश्री रविशंकर की दखलंदाजी को नापसंद करते हैं और मांग कर चुके हैं कि श्रीश्री के अयोध्या में प्रवेश पर पाबंदी लगा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीश्री रविशंकर का अयोध्या मसले से कोई ताल्लुक नहीं है। जब हिंदू समाज के लोगों ने ही उन्हें कबूल नहीं किया तो कोई दूसरा उन्हें कबूल क्यों करे। मौलाना अहमद खिजर ने कहा कि सीरिया का नाम लेकर इस तरह के बयान देना उनके नजरिये के विपरीत है। मुफ्ती अथर कासमी का कहना है कि जो लोग अमन की बात करते हैं वो ही लोग नफरत की बात करें तो यह सरासर निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोहरी पॉलिसी के तहत काम किया जा रहा है। सवाल उठाया कि ये कैसी पॉलिसी है और मुल्क का कानून और इंसाफ कहां है। उन्होंने कहा कि जहां तक बाबरी मस्जिद का मसला है तो हमें अदालत के फैसले का इंतजार है अदालत जो भी फैसला देगी उसको हम सिर आंखों पर रखेंगे। श्रीश्री रविशंकर के बयान का सरकार को संज्ञान लेना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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दारुल उलूम वक्फ के शेखुल हदीस मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर का बयान बेहद शर्मनाक है। इसकी पूरे मुल्क के लोगों को कड़ी निंदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीश्री रविशंकर बाबरी मस्जिद मसले को सुलझाने के लिए एक दर्जन से अधिक कोशिशें कर चुके हैं, लेकिन सभी नाकाम रहीं और लोगों ने उन पर कोई ध्यान ही नहीं दिया। इतना ही नहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और हिंदू संगठन अयोध्या मसले में श्रीश्री रविशंकर की दखलंदाजी को नापसंद करते हैं और मांग कर चुके हैं कि श्रीश्री के अयोध्या में प्रवेश पर पाबंदी लगा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीश्री रविशंकर का अयोध्या मसले से कोई ताल्लुक नहीं है। जब हिंदू समाज के लोगों ने ही उन्हें कबूल नहीं किया तो कोई दूसरा उन्हें कबूल क्यों करे। मौलाना अहमद खिजर ने कहा कि सीरिया का नाम लेकर इस तरह के बयान देना उनके नजरिये के विपरीत है। मुफ्ती अथर कासमी का कहना है कि जो लोग अमन की बात करते हैं वो ही लोग नफरत की बात करें तो यह सरासर निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोहरी पॉलिसी के तहत काम किया जा रहा है। सवाल उठाया कि ये कैसी पॉलिसी है और मुल्क का कानून और इंसाफ कहां है। उन्होंने कहा कि जहां तक बाबरी मस्जिद का मसला है तो हमें अदालत के फैसले का इंतजार है अदालत जो भी फैसला देगी उसको हम सिर आंखों पर रखेंगे। श्रीश्री रविशंकर के बयान का सरकार को संज्ञान लेना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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