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अवैध निर्माण को खुली छूट दे रहा विकास प्राधिकरण !
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:45 AM IST
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सहारनपुर। अवैध निर्माण को विकास प्राधिकरण की खुली छूट है। जानकर हैरानी होगी कि भवनों को कंपलीशन सर्टिफिकेट यानी समापन प्रमाण पत्र देने को प्राधिकरण के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं मानते हैं। आलम यह है कि जब से प्राधिकरण बना है, तब से करीब पांच हजार मानचित्र स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से मुश्किल से छह भवनों को ही कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी किया गया है। ऐसे में भवन निर्माता मानचित्र स्वीकृत कराते वक्त रखी शर्तों को किनारे कर मनमाने ढंग से निर्माण करते चले आ रहे हैं।
नियमानुसार शहर में किसी भी भवन का निर्माण विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बगैर नहीं किया जा सकता। मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद जब भवन तैयार हो जाता है तो प्राधिकरण के अधिकारियों की यह भी ड्यूटी बनती है कि वह भवन का निरीक्षण कर उसे कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करे। निरीक्षण में यह सब देखना होता है कि जिन शर्तों को लेकर मानचित्र स्वीकृत कराया गया है, उनका पालन किया गया है या नहीं। साथ ही जितने कमरे, जितने फ्लोर आदि की स्वीकृति ली गई थी, उतने ही बने हैं या उससे अलग भी कोई निर्माण हुआ है। मगर सहारनपुर विकास प्राधिकरण केवल मानचित्र स्वीकृत कर अपनी जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाता रहा है। विकास प्राधिकरण को बने 20 साल बीत चुके हैं। अभी तक करीब पांच हजार मानचित्र स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से मुश्किल से पांच या छह भवनों को ही कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी किया गया है। विकास प्राधिकरण के इस रवैये के चलते भवन निर्माता बेखौफ होकर मानचित्रों का उल्लंघन कर अवैध निर्माण कराते रहे हैं। इसका बेहतर उदाहरण आवास विकास में बना तीन मंजिला भवन है, जिसको दो मंजिला भवन बनाने की स्वीकृत हुई थी, मगर कुछ ही महीने बाद भवन स्वामी ने छत पर तिरपाल की आड़ में एक ओर तल का निर्माण कराकर मानचित्र का उल्लंघन किया। मगर मजाल है कि प्राधिकरण ने कोई ऑब्जेक्शन उठाया हो। यह प्राधिकरण के अधिकारियों की अनदेखी ही है कि नगर में धड़ल्ले से बेसमेंट और एक के ऊपर दूसरा फ्लोर तैयार किए जा रहे हैं।
पिछले पांच साल में स्वीकृत हुए मानचित्रों की संख्या
वर्ष मानचित्र कंपलीशन सर्टिफिकेट
2017-18 130 0
2016-17 260 0
2015-16 323 0
2014-15 346 0
2013-14 350 0
अवैध निर्माण और कॉलोनियां कटी
शहर के चारों ओर धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। जबकि नियमानुसार कॉलोनी काटने से पहले विकास प्राधिकरण की स्वीकृति लेना अनिवार्य है। मगर शहर में अभी तक काटी गई अवैध कॉलोनियों पर विकास प्राधिकरण ने कोई कार्रवाई नहीं की है, बल्कि कॉलोनी काटे जाने के बाद प्राधिकरण स्वीकृति देता रहा है। वर्तमान में शहर के चारों ओर 50 से अधिक कॉलोनियां अवैध हैं, जिनपर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा अवैध रूप से भवनों के निर्माण भी किए जा रहे हैं। दिल्ली रोड, अंबाला रोड पर अनेक अवैध भवनों पर कार्रवाई होनी है, मगर विकास प्राधिकरण मौन है। शहर भर में इस तरह के अवैध निर्माण अब भी जारी हैं।
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मेरे सहारनपुर आने से पहले भवनों को कंपलीशन सर्टिफिकेट क्यों जारी नहीं हुए, इसकी मुझे जानकारी नहीं है, मगर अब हम इसे अनिवार्य रूप से लागू कराने जा रहे हैं। भविष्य में जो भी भवन बनेगा उसको पूरे नियम के अनुसार कंपलीशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
- मनोज कुमार, वीसी, एसडीए।
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नियमानुसार शहर में किसी भी भवन का निर्माण विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बगैर नहीं किया जा सकता। मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद जब भवन तैयार हो जाता है तो प्राधिकरण के अधिकारियों की यह भी ड्यूटी बनती है कि वह भवन का निरीक्षण कर उसे कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करे। निरीक्षण में यह सब देखना होता है कि जिन शर्तों को लेकर मानचित्र स्वीकृत कराया गया है, उनका पालन किया गया है या नहीं। साथ ही जितने कमरे, जितने फ्लोर आदि की स्वीकृति ली गई थी, उतने ही बने हैं या उससे अलग भी कोई निर्माण हुआ है। मगर सहारनपुर विकास प्राधिकरण केवल मानचित्र स्वीकृत कर अपनी जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाता रहा है। विकास प्राधिकरण को बने 20 साल बीत चुके हैं। अभी तक करीब पांच हजार मानचित्र स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से मुश्किल से पांच या छह भवनों को ही कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी किया गया है। विकास प्राधिकरण के इस रवैये के चलते भवन निर्माता बेखौफ होकर मानचित्रों का उल्लंघन कर अवैध निर्माण कराते रहे हैं। इसका बेहतर उदाहरण आवास विकास में बना तीन मंजिला भवन है, जिसको दो मंजिला भवन बनाने की स्वीकृत हुई थी, मगर कुछ ही महीने बाद भवन स्वामी ने छत पर तिरपाल की आड़ में एक ओर तल का निर्माण कराकर मानचित्र का उल्लंघन किया। मगर मजाल है कि प्राधिकरण ने कोई ऑब्जेक्शन उठाया हो। यह प्राधिकरण के अधिकारियों की अनदेखी ही है कि नगर में धड़ल्ले से बेसमेंट और एक के ऊपर दूसरा फ्लोर तैयार किए जा रहे हैं।
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पिछले पांच साल में स्वीकृत हुए मानचित्रों की संख्या
वर्ष मानचित्र कंपलीशन सर्टिफिकेट
2017-18 130 0
2016-17 260 0
2015-16 323 0
2014-15 346 0
2013-14 350 0
अवैध निर्माण और कॉलोनियां कटी
शहर के चारों ओर धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। जबकि नियमानुसार कॉलोनी काटने से पहले विकास प्राधिकरण की स्वीकृति लेना अनिवार्य है। मगर शहर में अभी तक काटी गई अवैध कॉलोनियों पर विकास प्राधिकरण ने कोई कार्रवाई नहीं की है, बल्कि कॉलोनी काटे जाने के बाद प्राधिकरण स्वीकृति देता रहा है। वर्तमान में शहर के चारों ओर 50 से अधिक कॉलोनियां अवैध हैं, जिनपर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा अवैध रूप से भवनों के निर्माण भी किए जा रहे हैं। दिल्ली रोड, अंबाला रोड पर अनेक अवैध भवनों पर कार्रवाई होनी है, मगर विकास प्राधिकरण मौन है। शहर भर में इस तरह के अवैध निर्माण अब भी जारी हैं।
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मेरे सहारनपुर आने से पहले भवनों को कंपलीशन सर्टिफिकेट क्यों जारी नहीं हुए, इसकी मुझे जानकारी नहीं है, मगर अब हम इसे अनिवार्य रूप से लागू कराने जा रहे हैं। भविष्य में जो भी भवन बनेगा उसको पूरे नियम के अनुसार कंपलीशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
- मनोज कुमार, वीसी, एसडीए।