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जिला सहकारी बैंक के संचालक विनय कुमार की प्रेसवार्ता
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:34 AM IST
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सहारनपुर। जिला सहकारी बैंक के संचालक चौधरी विनय कुमार ने कहा कि गबन का आरोपी निलंबित बैंक शाखा प्रबंधक गोपाल कपिल अपनी जान बचाने के लिए संचालक जयनाथ शर्मा पर झूठे आरोप लगा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संलिप्तता को लेकर बैंक और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लाया जाए।
शुक्रवार को जीपीओ रोड स्थित एक सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला सहकारी बैंक के संचालक चौधरी विनय कुमार ने कहा कि संचालक मंडल को बैंक के कार्य में हस्तक्षेप करने का कोई भी अधिकार नहीं है। बैंक के रोजमर्रा के कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी बैंक के अधिकारियों की है। ऐसे में कोई भी संचालक किसी भी शाखा प्रबंधक को कैसे संरक्षण दे सकता है। उन्होंने कहा कि मामले की तह तक जाने के लिए बैंक सचिव से लेकर सहकारिता विभाग के एआर और डीआर तक को जांच के दायरे में लाया जाए। जांच में अधिकारियों की जिम्मेदारी भी फिक्स होनी चाहिए। उन्होंने बैंक चेयरमैन पर गाड़ी के खर्च के रूप में करीब 50 हजार रुपये प्रति माह लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे ना तो कहीं बैंक शाखा के निरीक्षण के लिए जाते हैं और ना ही किसी समिति की। संचालक जयनाथ शर्मा ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस मामले में संचालक मंडल के किसी भी सदस्य का कोई दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने तो आज तक बैठक में उपस्थित होने के लिए मिलने वाला भत्ता नहीं लिया है। पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल एवं वीरेंद्र ठाकुर, मुकेश तोमर, मेवाराम आदि रहे।
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शुक्रवार को जीपीओ रोड स्थित एक सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला सहकारी बैंक के संचालक चौधरी विनय कुमार ने कहा कि संचालक मंडल को बैंक के कार्य में हस्तक्षेप करने का कोई भी अधिकार नहीं है। बैंक के रोजमर्रा के कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी बैंक के अधिकारियों की है। ऐसे में कोई भी संचालक किसी भी शाखा प्रबंधक को कैसे संरक्षण दे सकता है। उन्होंने कहा कि मामले की तह तक जाने के लिए बैंक सचिव से लेकर सहकारिता विभाग के एआर और डीआर तक को जांच के दायरे में लाया जाए। जांच में अधिकारियों की जिम्मेदारी भी फिक्स होनी चाहिए। उन्होंने बैंक चेयरमैन पर गाड़ी के खर्च के रूप में करीब 50 हजार रुपये प्रति माह लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे ना तो कहीं बैंक शाखा के निरीक्षण के लिए जाते हैं और ना ही किसी समिति की। संचालक जयनाथ शर्मा ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस मामले में संचालक मंडल के किसी भी सदस्य का कोई दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने तो आज तक बैठक में उपस्थित होने के लिए मिलने वाला भत्ता नहीं लिया है। पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल एवं वीरेंद्र ठाकुर, मुकेश तोमर, मेवाराम आदि रहे।
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