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रकारी राशन में भारी गोलमाल के आरोप में 10 विक्रेताओं पर एफआईआर
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:34 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। पात्र लोगों को राशन देने की बजाए उसकी कालाबाजारी करने के मामले में खाद्य आपूर्ति विभाग ने कार्रवाई करते हुए नगर के 10 उचित दर विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सरकारी राशन की कालाबाजारी की शिकायतों को शासन ने गंभीरता से लेते हुए सख्त आदेश दिए तो खाद्य आपूर्ति विभाग हरकत में आ गया। मामले की तहकीकात में जुटे आपूर्ति विभाग ने जांच पूरी होने के बाद मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन उचित दर विक्रेताओं के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में पूर्ति निरीक्षक दिनेश चंद ने कोतवाली में तहरीर दी है। जिसमें विक्रेता इरशाद अली, सुभाष चंद, शशि छाबड़ा, गौरव सचदेव, नीलम रानी, राकेश कुमार, असरार, नईम, महबूब और विनोद कुमार गुप्ता पर अपनी उचित दर की दुकान पर सम्बद्ध वास्तविक लाभार्थियों के आधार संख्या को एडिट करके बायोमेट्रिक का प्रयोग कर ट्रांजेक्शन प्रक्रिया पूर्ण करते हुए राशन का आहरण करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा जांच रिपोर्ट में गंगोह के विक्रेता नीटू कुमार और सपना देवी के खिलाफ भी कार्रवाई करने को लिखकर दिया गया है। पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने सभी विक्रेताओं के विरुद्ध 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उचित दर विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
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सरकारी राशन की कालाबाजारी की शिकायतों को शासन ने गंभीरता से लेते हुए सख्त आदेश दिए तो खाद्य आपूर्ति विभाग हरकत में आ गया। मामले की तहकीकात में जुटे आपूर्ति विभाग ने जांच पूरी होने के बाद मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन उचित दर विक्रेताओं के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में पूर्ति निरीक्षक दिनेश चंद ने कोतवाली में तहरीर दी है। जिसमें विक्रेता इरशाद अली, सुभाष चंद, शशि छाबड़ा, गौरव सचदेव, नीलम रानी, राकेश कुमार, असरार, नईम, महबूब और विनोद कुमार गुप्ता पर अपनी उचित दर की दुकान पर सम्बद्ध वास्तविक लाभार्थियों के आधार संख्या को एडिट करके बायोमेट्रिक का प्रयोग कर ट्रांजेक्शन प्रक्रिया पूर्ण करते हुए राशन का आहरण करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा जांच रिपोर्ट में गंगोह के विक्रेता नीटू कुमार और सपना देवी के खिलाफ भी कार्रवाई करने को लिखकर दिया गया है। पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने सभी विक्रेताओं के विरुद्ध 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उचित दर विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
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