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शादी से पहले युवक युवती कराएं थैलेसीमिया का टेस्ट
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नकुड़ (सहारनपुर)। विश्व थैलेसीमिया दिवस के मौके पर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय द्वारा आयुष आपके द्वार कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का शुभारंभ ग्राम प्रधान जय हंसराज ने भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व पुष्प अर्पित कर किया। कैंप में डॉ. नीता यादव ने थैलेसीमिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह एक आनुवंशिक बीमारी है जो माता-पिता से बच्चों में आती है। अगर माता व पिता दोनों ही इस बीमारी से ग्रसित है तो उनके बच्चों को इस बीमारी के होने की पूरी आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि इसमें बच्चे की बोन मेरो रक्त बनाना बंद कर देती हैं। इससे उसमें खून की कमी, बच्चे में चिड़चिड़ापन, सुस्त, सूजन तथा उसका विकास कम होने लगता है। इस कारण बार-बार रक्त चढ़ाने की जरूरत पढ़ती है। इतना रक्त हमारी ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं रहता। इसलिए उन्होंने सभी स्वस्थ व्यक्तियों को हर तीन माह बाद रक्तदान करते रहने की अपील भी की थैलेसीमिया की रोकथाम हेतु शादी से पहले अपना टेस्ट करवाने की सलाह दी। कैंप में 130 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया गया। कैंप में योग प्रशिक्षक मनोज चौहान व योग सहायक जयकार सैनी, स्टॉफ नर्स सरस्वती गुप्ता, सितम आदि का सहयोग रहा।
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शिविर का शुभारंभ ग्राम प्रधान जय हंसराज ने भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व पुष्प अर्पित कर किया। कैंप में डॉ. नीता यादव ने थैलेसीमिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह एक आनुवंशिक बीमारी है जो माता-पिता से बच्चों में आती है। अगर माता व पिता दोनों ही इस बीमारी से ग्रसित है तो उनके बच्चों को इस बीमारी के होने की पूरी आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि इसमें बच्चे की बोन मेरो रक्त बनाना बंद कर देती हैं। इससे उसमें खून की कमी, बच्चे में चिड़चिड़ापन, सुस्त, सूजन तथा उसका विकास कम होने लगता है। इस कारण बार-बार रक्त चढ़ाने की जरूरत पढ़ती है। इतना रक्त हमारी ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं रहता। इसलिए उन्होंने सभी स्वस्थ व्यक्तियों को हर तीन माह बाद रक्तदान करते रहने की अपील भी की थैलेसीमिया की रोकथाम हेतु शादी से पहले अपना टेस्ट करवाने की सलाह दी। कैंप में 130 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया गया। कैंप में योग प्रशिक्षक मनोज चौहान व योग सहायक जयकार सैनी, स्टॉफ नर्स सरस्वती गुप्ता, सितम आदि का सहयोग रहा।
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