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पीएनबी ने दो ग्राहकों को जारी कर दिए एक ही खाता नंबर
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:07 AM IST
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नानौता (सहारनपुर)। देवबंद रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पांडुखेड़ी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बैंक ने दो उपभोक्ताओं को एक ही खाता संख्या दे दिया। दोनों उपभोक्ता करीब साढे़ तीन वर्षों तक एक ही खाता संख्या से लेनदेन करती रहीं। इसका खुलासा तब हुआ जब एक उपभोक्ता ने खाते से एकमुश्त बड़ी रकम निकाल ली। शिकायत करने के करीब एक महीने बाद दोनों उपभोक्ताओं को अलग-अलग खाता संख्या बैंक ने दिया।
नगर के मोहल्ला शेखजादगान निवासी नाजिया पत्नी अजमल ने गत साढे़ तीन वर्ष पूर्व 18 मार्च 2015 को पंजाब नेशनल बैंक की शाखा (पांडुखेड़ी) नानौता में खाता खुलवाया था। तो वहीं इसी मोहल्ले की नाजिया पत्नी अमजद ने 27 मार्च 2015 को इसी शाखा में अपना खाता खुलवाया था। इस पर बैंक ने दोनों को दी गई पासबुक में एक ही खाता संख्या -3726000102316775 प्रदान कर दिया। इसके बाद दोनों ग्राहकों ने इसी खाता संख्या से लेन-देन जारी रखा। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब नाजिया पत्नी अजमल ने करीब एक महीने पहले इसी खाते से 30 हजार रुपये निकाल लिए। दूसरी ग्राहक नाजिया पत्नी अमजद के मोबाइल नंबर पर उक्त रकम निकाले जाने का मैसेज पहुंचा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने जब बैंक में शिकायत की तो उसे यह कहकर वापस भेज दिया गया कि रकम उसने ही निकाली है।
बैंक के कर्मचारियों के रवैये से परेशान होकर पीड़िता ने खुद ही जांच पड़ताल की तो पता चला कि मोहल्ले की ही एक महिला उपभोक्ता को भी बैंक द्वारा यही खाता संख्या दिया गया है, लेकिन अब यह परिवार करीब 30 किलोमीटर दूर अंबेहटा जाकर रहने लगा है। पीड़िता दूसरे बैंक ग्राहक को ढूंढ कर बुधवार को बैंक लेकर आई। जहां इस संबंध में बैंक अधिकारियों के समक्ष पूरा मामला प्रकाश में लाया गया। इसके बाद बैंककर्मियों ने इस मामले को ठीक करते हुए दूसरी पासबुक नाजिया पत्नी अमजद को प्रदान की गई। इस संबंध में बैंक पर मौजूद उपप्रबंधक फूल कुमार ने कहा कि यह बड़ी गलती है जो बैंक द्वारा की गई है। बैंक ने अब अपनी गलती सुधार ली है।
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बैंककर्मी साढे़ तीन साल तक हस्ताक्षर नहीं पहचान पाए
पिछले साढे़ तीन सालों में बैंककर्मी इतनी बड़ी गलती पकड़ नहीं पाए। ग्राहकों द्वारा किए गए लेनदेन के दौरान एक बार भी हस्ताक्षर को बैंककर्मियों ने चेक नहीं किया और आंखें बंद कर लेन देन करते रहे। इतना ही नहीं दोनों ग्राहकों के अनुसार जब दोनों उपभोक्ताओं द्वारा आधार कार्ड, पहचान पत्र व मोबाइल नंबर अलग-अलग दिया गया था तो भी बैंककर्मियों ने यह गलती कर दी। इससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
ग्राहकों ने बैंक से मुआवजे की मांग की
दोनों बैंक ग्राहकों नाजिया पत्नी अजमल और नाजिया पत्नी अमजद ने कहा कि पिछले काफी समय से रुपयों को लेकर जो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा है उसकी भरपाई बैंक करे। उन्होंने बैंक उच्चाधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि बैंक के सभी खातों की जांच होनी चाहिए। क्योंकि इस प्रकार से और भी कई फर्जीवाडे़ सामने आ सकते हैं।
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नगर के मोहल्ला शेखजादगान निवासी नाजिया पत्नी अजमल ने गत साढे़ तीन वर्ष पूर्व 18 मार्च 2015 को पंजाब नेशनल बैंक की शाखा (पांडुखेड़ी) नानौता में खाता खुलवाया था। तो वहीं इसी मोहल्ले की नाजिया पत्नी अमजद ने 27 मार्च 2015 को इसी शाखा में अपना खाता खुलवाया था। इस पर बैंक ने दोनों को दी गई पासबुक में एक ही खाता संख्या -3726000102316775 प्रदान कर दिया। इसके बाद दोनों ग्राहकों ने इसी खाता संख्या से लेन-देन जारी रखा। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब नाजिया पत्नी अजमल ने करीब एक महीने पहले इसी खाते से 30 हजार रुपये निकाल लिए। दूसरी ग्राहक नाजिया पत्नी अमजद के मोबाइल नंबर पर उक्त रकम निकाले जाने का मैसेज पहुंचा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने जब बैंक में शिकायत की तो उसे यह कहकर वापस भेज दिया गया कि रकम उसने ही निकाली है।
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बैंक के कर्मचारियों के रवैये से परेशान होकर पीड़िता ने खुद ही जांच पड़ताल की तो पता चला कि मोहल्ले की ही एक महिला उपभोक्ता को भी बैंक द्वारा यही खाता संख्या दिया गया है, लेकिन अब यह परिवार करीब 30 किलोमीटर दूर अंबेहटा जाकर रहने लगा है। पीड़िता दूसरे बैंक ग्राहक को ढूंढ कर बुधवार को बैंक लेकर आई। जहां इस संबंध में बैंक अधिकारियों के समक्ष पूरा मामला प्रकाश में लाया गया। इसके बाद बैंककर्मियों ने इस मामले को ठीक करते हुए दूसरी पासबुक नाजिया पत्नी अमजद को प्रदान की गई। इस संबंध में बैंक पर मौजूद उपप्रबंधक फूल कुमार ने कहा कि यह बड़ी गलती है जो बैंक द्वारा की गई है। बैंक ने अब अपनी गलती सुधार ली है।
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बैंककर्मी साढे़ तीन साल तक हस्ताक्षर नहीं पहचान पाए
पिछले साढे़ तीन सालों में बैंककर्मी इतनी बड़ी गलती पकड़ नहीं पाए। ग्राहकों द्वारा किए गए लेनदेन के दौरान एक बार भी हस्ताक्षर को बैंककर्मियों ने चेक नहीं किया और आंखें बंद कर लेन देन करते रहे। इतना ही नहीं दोनों ग्राहकों के अनुसार जब दोनों उपभोक्ताओं द्वारा आधार कार्ड, पहचान पत्र व मोबाइल नंबर अलग-अलग दिया गया था तो भी बैंककर्मियों ने यह गलती कर दी। इससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
ग्राहकों ने बैंक से मुआवजे की मांग की
दोनों बैंक ग्राहकों नाजिया पत्नी अजमल और नाजिया पत्नी अमजद ने कहा कि पिछले काफी समय से रुपयों को लेकर जो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा है उसकी भरपाई बैंक करे। उन्होंने बैंक उच्चाधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि बैंक के सभी खातों की जांच होनी चाहिए। क्योंकि इस प्रकार से और भी कई फर्जीवाडे़ सामने आ सकते हैं।