{"_id":"598228014f1c1bb6348b4723","slug":"181501702145-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध निर्माणों पर एसडीए की शह, बिगाड़ रहे शहर की सूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध निर्माणों पर एसडीए की शह, बिगाड़ रहे शहर की सूरत
Updated Thu, 03 Aug 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवैध निर्माणों पर एसडीए की शह, बिगाड़ रहे शहर की सूरत
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी की होड़ में शामिल सहारनपुर की सूरत लगातार हो रहे अवैध निर्माण बिगाड़ रहे हैं। फील्ड में तैनात अभियंताओं की अनदेखी के चलते अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी हैं। आलम यह है कि संकरी गलियों में कांप्लेक्स तैयार करने की होड़ मची है। इससे पहले जिलाधिकारी ने शहर के 35 सौ अवैध निर्माणों को चिह्नित किया था। मगर, उनके पास से चार्ज हटने और नए वीसी के चार्ज लेने के बाद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई से एसडीए पीछे हट गया है।
दरअसल, सहारनपुर के विकास में रुकावट की एक बड़ी वजह यहां होने वाला अवैध निर्माण है। ज्यादातर हिस्सों में अवैध निर्माण की वजह से अतिक्रमण और अन्य समस्याएं खड़ी हैं। बावजूद इसके विकास प्राधिकरण इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हो रहा है। बिना पार्किंग वाले मार्केट आदि के अवैध निर्माण से समस्याएं बढ़ती जा रही है। शहर में रेलवे रोड, घंटाघर, लिंक रोड सहित अन्य जगहों पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। ऐसे में इन निर्माणों से ना केवल राजस्व की क्षति पहुंच रही है बल्कि शहर की सूरत भी बिगड़ रही है। यहां बता दें कि जिलाधिकारी पीके पांडेय के पास विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष का चार्ज था। उस वक्त शहर के ज्यादातर अवैध निर्माण को चिन्हित कर लिया गया था और बड़े निर्माणों पर पहले चरण में कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया था। मगर अभियंताओं की हीलाहवाली के चलते अभियान शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गया है। नए उपाध्यक्ष के चार्ज लेने के बाद अब तक अवैध निर्माणों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। उधर, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल का कहना है कि अवैध निर्माणों को चिह्नित कर सील और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। अवैध निर्माण करने वालों को किसी भी तरह से बख्शा नहीं जाए। इसमें जिम्मेदार अभियंताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी की होड़ में शामिल सहारनपुर की सूरत लगातार हो रहे अवैध निर्माण बिगाड़ रहे हैं। फील्ड में तैनात अभियंताओं की अनदेखी के चलते अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी हैं। आलम यह है कि संकरी गलियों में कांप्लेक्स तैयार करने की होड़ मची है। इससे पहले जिलाधिकारी ने शहर के 35 सौ अवैध निर्माणों को चिह्नित किया था। मगर, उनके पास से चार्ज हटने और नए वीसी के चार्ज लेने के बाद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई से एसडीए पीछे हट गया है।
दरअसल, सहारनपुर के विकास में रुकावट की एक बड़ी वजह यहां होने वाला अवैध निर्माण है। ज्यादातर हिस्सों में अवैध निर्माण की वजह से अतिक्रमण और अन्य समस्याएं खड़ी हैं। बावजूद इसके विकास प्राधिकरण इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हो रहा है। बिना पार्किंग वाले मार्केट आदि के अवैध निर्माण से समस्याएं बढ़ती जा रही है। शहर में रेलवे रोड, घंटाघर, लिंक रोड सहित अन्य जगहों पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। ऐसे में इन निर्माणों से ना केवल राजस्व की क्षति पहुंच रही है बल्कि शहर की सूरत भी बिगड़ रही है। यहां बता दें कि जिलाधिकारी पीके पांडेय के पास विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष का चार्ज था। उस वक्त शहर के ज्यादातर अवैध निर्माण को चिन्हित कर लिया गया था और बड़े निर्माणों पर पहले चरण में कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया था। मगर अभियंताओं की हीलाहवाली के चलते अभियान शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गया है। नए उपाध्यक्ष के चार्ज लेने के बाद अब तक अवैध निर्माणों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। उधर, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल का कहना है कि अवैध निर्माणों को चिह्नित कर सील और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। अवैध निर्माण करने वालों को किसी भी तरह से बख्शा नहीं जाए। इसमें जिम्मेदार अभियंताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन