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सैनिक का शव पहुंचा, परिवार में मातम
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:07 AM IST
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सेना के जवान का शव पहुंचा, परिवार में मातम
गागलहेड़ी (सहारनपुर।) इम्फाल (मणिपुर ) से छुट्टी लेकर घर लौटते समय जहरखुरानी का शिकार हुए सेना के जवान की मौत होने पर उसका शव बेगुसराय से पैतृक गांव नन्हेड़ा बेद बेगमपुर लाया गया। शव के आने पर परिवार में मातम छा गया। यहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बता दें कि बेगुसराय में सैनिक के शव की भी बेकद्री हुई थी। इससे परिजनों में रोष रहा। गागलहेड़ी थाना क्षेत्र ग्राम नन्हेडा बेद बेगमपुर का 35 वर्षीय सुभाष पुत्र नगीना अब से लगभग तेरह वर्ष पूर्व अपने पिता की मृत्यु के बाद उनकी जगह सेना में सफाई कर्मचारी के पद पर भर्ती हुआ था। पत्नी पूनम के अनुसार वह 23 जून को मणिपुर से छुट्टी लेकर घर के लिए चला था। बीच वह घर पर फोन से बात कर रहा था। 26 जून को बिहार के बरौनी जंक्शन थाना तिगरा पहुंचने पर सुबह के चार बजे उसने आखिरी बार घर पर बात की थी। उसी दिन सुबह 11 बजे के करीब दूसरी ओर से सुभाष के फोन से उसकी मौत की सूचना परिजनों को फोन पर मिली।
इसके बाद घरवालों ने पहचान के लिए व्हाट्सअप पर फोटो भेजने को कहा। फोटो मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद परिजनों व ग्राम प्रधान असलम ने रिमाउंट डिपो पहुंच कर सेना के अफसरों से मदद मांगी। अफसरों ने मणिपुर इम्फाल में परिजनों की बात कराई और बेगुसराय बिहार पहुंचने को कहा। बताया गया कि बिहार में उपचार से लेकर पोस्टमार्टम होने के दौरान पति के शव के साथ बेकद्री की गई। काफी प्रयासों के बाद सैनिक का शव यहां पहुंचा और अंतिम संस्कार कराया गया। बिहार पुलिस ने परिजनों को बताया कि सैनिक रास्ते में जहरखुरानी का शिकार हुआ। यह जवान अपने पीछे पूनम के साथ ही तीन बेटियों और एक बेटे को छोड़ गया है।
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गागलहेड़ी (सहारनपुर।) इम्फाल (मणिपुर ) से छुट्टी लेकर घर लौटते समय जहरखुरानी का शिकार हुए सेना के जवान की मौत होने पर उसका शव बेगुसराय से पैतृक गांव नन्हेड़ा बेद बेगमपुर लाया गया। शव के आने पर परिवार में मातम छा गया। यहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बता दें कि बेगुसराय में सैनिक के शव की भी बेकद्री हुई थी। इससे परिजनों में रोष रहा। गागलहेड़ी थाना क्षेत्र ग्राम नन्हेडा बेद बेगमपुर का 35 वर्षीय सुभाष पुत्र नगीना अब से लगभग तेरह वर्ष पूर्व अपने पिता की मृत्यु के बाद उनकी जगह सेना में सफाई कर्मचारी के पद पर भर्ती हुआ था। पत्नी पूनम के अनुसार वह 23 जून को मणिपुर से छुट्टी लेकर घर के लिए चला था। बीच वह घर पर फोन से बात कर रहा था। 26 जून को बिहार के बरौनी जंक्शन थाना तिगरा पहुंचने पर सुबह के चार बजे उसने आखिरी बार घर पर बात की थी। उसी दिन सुबह 11 बजे के करीब दूसरी ओर से सुभाष के फोन से उसकी मौत की सूचना परिजनों को फोन पर मिली।
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इसके बाद घरवालों ने पहचान के लिए व्हाट्सअप पर फोटो भेजने को कहा। फोटो मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद परिजनों व ग्राम प्रधान असलम ने रिमाउंट डिपो पहुंच कर सेना के अफसरों से मदद मांगी। अफसरों ने मणिपुर इम्फाल में परिजनों की बात कराई और बेगुसराय बिहार पहुंचने को कहा। बताया गया कि बिहार में उपचार से लेकर पोस्टमार्टम होने के दौरान पति के शव के साथ बेकद्री की गई। काफी प्रयासों के बाद सैनिक का शव यहां पहुंचा और अंतिम संस्कार कराया गया। बिहार पुलिस ने परिजनों को बताया कि सैनिक रास्ते में जहरखुरानी का शिकार हुआ। यह जवान अपने पीछे पूनम के साथ ही तीन बेटियों और एक बेटे को छोड़ गया है।
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