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रमजान के बीच चुनाव से प्रभावित न हो जाए मतदान प्रतिशत
Updated Sat, 28 Apr 2018 01:12 AM IST
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रमजान के बीच चुनाव से प्रभावित न हो जाए मतदान प्रतिशत
सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा में उप चुनाव रमजान के पवित्र माह में पड़ने के कारण मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंका उठने लगी हैं, क्योंकि पहला रोजा 17 मई का बताया गया है। दोनों सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की काफी तादाद है। रोजा और ऊपर से गर्मी में रोजेदारों को बूथ तक लाना राजनीतिक पार्टी के लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।
चुनाव आयोग ने देश भर की चार लोकसभा के अलावा दो विधानसभा में उप चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। यहां 28 मई को मतदान होने के साथ 31 मई को मतगणना होनी है। इस बार रमजान का पहला रोजा 17 मई को पड़ रहा है, जो अगले एक माह तक चलने वाले है। कैराना लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं पर नजर डाले तो यहां मुस्लिम वोटरों की संख्या कई लाख के करीब है, जिनमें पुरुषों के अलावा महिलाएं भी काफी संख्या में शामिल है। बिजनौर की नूरपुर विधानसभा में मुस्लिमों की अच्छी खासी तादाद है। गर्मी में रोजेदारों को होने वाली दिक्कत किसी से छिपी नही है। ऐसे में शत-प्रतिशत रोजेदारों के बूथ तक पहुंचने में अभी से सवाल उठने लगे हैं। यह भी उस स्थिति में, जब निर्वाचन आयोग मतदान प्रतिशत बढ़ाने को जी-जान से जुटा है। बृहस्पतिवार को सहारनपुर आए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उम्मीद जताई थी कि पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ेगा। रमजान के पवित्र माह में उप चुनाव होने से मुस्लिम संगठनों के अलावा मुस्लिम हितों का दंभ भरने वाले राजनीतिक दलों में हलचल तो जरूर है, मगर अभी कही से उप चुनाव की तिथि को लेकर कोई आवाज नहीं उठी है, मगर मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंकाओं से इंकार नहीं किया जा रहा है।
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सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा में उप चुनाव रमजान के पवित्र माह में पड़ने के कारण मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंका उठने लगी हैं, क्योंकि पहला रोजा 17 मई का बताया गया है। दोनों सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की काफी तादाद है। रोजा और ऊपर से गर्मी में रोजेदारों को बूथ तक लाना राजनीतिक पार्टी के लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।
चुनाव आयोग ने देश भर की चार लोकसभा के अलावा दो विधानसभा में उप चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। यहां 28 मई को मतदान होने के साथ 31 मई को मतगणना होनी है। इस बार रमजान का पहला रोजा 17 मई को पड़ रहा है, जो अगले एक माह तक चलने वाले है। कैराना लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं पर नजर डाले तो यहां मुस्लिम वोटरों की संख्या कई लाख के करीब है, जिनमें पुरुषों के अलावा महिलाएं भी काफी संख्या में शामिल है। बिजनौर की नूरपुर विधानसभा में मुस्लिमों की अच्छी खासी तादाद है। गर्मी में रोजेदारों को होने वाली दिक्कत किसी से छिपी नही है। ऐसे में शत-प्रतिशत रोजेदारों के बूथ तक पहुंचने में अभी से सवाल उठने लगे हैं। यह भी उस स्थिति में, जब निर्वाचन आयोग मतदान प्रतिशत बढ़ाने को जी-जान से जुटा है। बृहस्पतिवार को सहारनपुर आए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उम्मीद जताई थी कि पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ेगा। रमजान के पवित्र माह में उप चुनाव होने से मुस्लिम संगठनों के अलावा मुस्लिम हितों का दंभ भरने वाले राजनीतिक दलों में हलचल तो जरूर है, मगर अभी कही से उप चुनाव की तिथि को लेकर कोई आवाज नहीं उठी है, मगर मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंकाओं से इंकार नहीं किया जा रहा है।
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