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Saharanpur News: 1.70 करोड़ खर्च, एक घर में भी नहीं पहुंचा पानी, जांच के आदेश
Sat, 11 Oct 2025 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 11 Oct 2025 12:27 AM IST
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। गणेशपुर ग्राम पंचायत के तीन गांवों के बाशिंदों की प्यास बुझाने के लिए पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पेयजल परियोजना तीन साल में भी पूरी नहीं हो सकी है। इस अवधि में जल निगम ने एक करोड़ 70 लाख रुपये खर्च भी किए, लेकिन एक भी गांव के किसी घर में पानी की बूंद तक नहीं पहुंच सकी है। शिकायत पर केंद्र सरकार के जलशक्ति राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी ने प्रदेश सरकार में जल जीवन मिशन का काम देख रहे अपर मुख्य सचिव को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुजफ्फराबाद ब्लाॅक के गणेशपुर, मोहंड और सोढ़ीनगर की करीब आठ हजार की आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 5.09 करोड़ रुपये वर्ष 2022 में स्वीकृत किए गए थे।
इसके तहत मोहंड में नलकूप, वाटर टैंक के साथ ही गणेशपुर तक पांच किमी तथा सोढ़ीनगर तक पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित था। तीन साल की अवधि में केवल मोहंड में बोरिंग और पाइप लाइन का ही काम किया जा सका है। सोढ़ीनगर और गणेशपुर में योजना के तहत अभी तक पाइप लाइन भी नहीं बिछ सकी है।
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न ही वाटर टैंक का निर्माण कराया जा सका है। जल निगम को एक करोड़ 70 लाख रुपये अभी तक आवंटित हुए हैं और यह सारी रकम खर्च की जा चुकी है। हैरत की बात है कि इस रकम से एक गांव के लोगों को भी पानी मुहैया नहीं कराया जा सका है।
निगम अधिकारी मोहंड में 140 कनेक्शन करने का दावा करते हैं। उनका कहना है कि वह यहां बोरिंग का ट्रायल कर चुके हैं। बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा चुका है। कनेक्शन स्वीकृत होते ही सुबह शाम डायरेक्ट पानी की सप्लाई दी जाएगी।
n गणेशपुर के पूर्व प्रधान और मोहंड के निवासी गुलसनव्वर का आरोप है कि योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। बोरिंग गलत किया गया है, जिससे पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है। करोड़ों खर्च करने के बाद भी अभी तक एक भी घर में पानी की बूंद तक नहीं पहुंची है।
n गणेशपुर के प्रधान चरण सिंह ने बताया कि उनके गांव में पुरानी सारी पाइप लाइन चौक पड़ी है। इस कारण आधी से ज्यादा आबादी को पानी ही नहीं मिल रहा है।
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मुजफ्फराबाद ब्लाॅक के गणेशपुर, मोहंड और सोढ़ीनगर की करीब आठ हजार की आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 5.09 करोड़ रुपये वर्ष 2022 में स्वीकृत किए गए थे।
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इसके तहत मोहंड में नलकूप, वाटर टैंक के साथ ही गणेशपुर तक पांच किमी तथा सोढ़ीनगर तक पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित था। तीन साल की अवधि में केवल मोहंड में बोरिंग और पाइप लाइन का ही काम किया जा सका है। सोढ़ीनगर और गणेशपुर में योजना के तहत अभी तक पाइप लाइन भी नहीं बिछ सकी है।
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न ही वाटर टैंक का निर्माण कराया जा सका है। जल निगम को एक करोड़ 70 लाख रुपये अभी तक आवंटित हुए हैं और यह सारी रकम खर्च की जा चुकी है। हैरत की बात है कि इस रकम से एक गांव के लोगों को भी पानी मुहैया नहीं कराया जा सका है।
निगम अधिकारी मोहंड में 140 कनेक्शन करने का दावा करते हैं। उनका कहना है कि वह यहां बोरिंग का ट्रायल कर चुके हैं। बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा चुका है। कनेक्शन स्वीकृत होते ही सुबह शाम डायरेक्ट पानी की सप्लाई दी जाएगी।
n गणेशपुर के पूर्व प्रधान और मोहंड के निवासी गुलसनव्वर का आरोप है कि योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। बोरिंग गलत किया गया है, जिससे पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है। करोड़ों खर्च करने के बाद भी अभी तक एक भी घर में पानी की बूंद तक नहीं पहुंची है।
n गणेशपुर के प्रधान चरण सिंह ने बताया कि उनके गांव में पुरानी सारी पाइप लाइन चौक पड़ी है। इस कारण आधी से ज्यादा आबादी को पानी ही नहीं मिल रहा है।