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ब्लैक स्पॉट तो है चिहिंत, सुरक्षा के इंतजाम नहीं
Updated Sat, 28 Apr 2018 11:48 PM IST
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सहारनपुर। जिले में दुर्घटनाओं के मद्देनजर ब्लैक स्पॉट तो चिह्नित है, मगर वहां अभी तक ऐसे कारगर उपाए नहीं किया जा सके है, जिससे हादसों पर रोक लग सके। पुलिस और प्रशासन कार्ययोजना तो बना चुका है, मगर उसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। ऐसे में दुर्घटनाओं का आंकड़ा घटने के बजाए बढ़ रहा है।
यातायात पुलिस ने जिले में नौ ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं, जहां अधिकतर दुर्घटनाएं होती हैं। जिनमें कलसिया, टपरी, रामपुर मनिहारन, नानौता, देवबंद, टाउन एरिया नागल, नागल, रामपुर तथा गंदेवड़ तिराहा शामिल हैं। इन ब्लैक स्पॉटों पर हर साल दुर्घटनाओं का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। चार सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो इन ब्लैक स्पॉटों पर 2014 में 68, 2015 में 71, 2016 में 86 और 1207 में 87 दुर्घटनाएं घटित हुईं। 2017 में 105 लोगों की मौत ब्लैक स्पॉट पर हुईं। इस साल भी इन स्थानों में हादसों का आंकड़ा कम नहीं है।
यातायात पुलिस ने इनमें से कुछ ब्लैक स्पॉट पर बोर्ड तो लगा दिए हैं, लेकिन न तो उन स्थानों पर पुलिस की तैनाती की गई, न ही स्पीड ब्रेकर ही बनाए गए और न ही वहां पर रिफ्लेक्अर ही लगाए गए, जिससे वाहनों की गति धीमी हो सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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--। सड़कों में बदलाव की जरूरत
ब्लैक स्पॉट वाली जगह पर सड़कों की स्थिति में बदलाव की जरूरत है। तभी उन स्थानों पर दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यातायात पुलिस अपनी रिपोर्ट प्रशासन को भेज चुकी है। लोगों को सचेत करने के लिए इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगवाए गए हैं।
-। विनीत भटनागर, पुलिस अधीक्षक यातायात।
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यातायात पुलिस ने जिले में नौ ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं, जहां अधिकतर दुर्घटनाएं होती हैं। जिनमें कलसिया, टपरी, रामपुर मनिहारन, नानौता, देवबंद, टाउन एरिया नागल, नागल, रामपुर तथा गंदेवड़ तिराहा शामिल हैं। इन ब्लैक स्पॉटों पर हर साल दुर्घटनाओं का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। चार सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो इन ब्लैक स्पॉटों पर 2014 में 68, 2015 में 71, 2016 में 86 और 1207 में 87 दुर्घटनाएं घटित हुईं। 2017 में 105 लोगों की मौत ब्लैक स्पॉट पर हुईं। इस साल भी इन स्थानों में हादसों का आंकड़ा कम नहीं है।
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यातायात पुलिस ने इनमें से कुछ ब्लैक स्पॉट पर बोर्ड तो लगा दिए हैं, लेकिन न तो उन स्थानों पर पुलिस की तैनाती की गई, न ही स्पीड ब्रेकर ही बनाए गए और न ही वहां पर रिफ्लेक्अर ही लगाए गए, जिससे वाहनों की गति धीमी हो सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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--। सड़कों में बदलाव की जरूरत
ब्लैक स्पॉट वाली जगह पर सड़कों की स्थिति में बदलाव की जरूरत है। तभी उन स्थानों पर दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यातायात पुलिस अपनी रिपोर्ट प्रशासन को भेज चुकी है। लोगों को सचेत करने के लिए इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगवाए गए हैं।
-। विनीत भटनागर, पुलिस अधीक्षक यातायात।